श्रीनगर मेडिकल कॉलेज: जल्द शुरू होंगे 4 नए पैरामेडिकल कोर्स, प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत ने गिनाईं उपलब्धियां
विजय बहुगुणा, सत्य की गूंज
श्रीनगर गढ़वाल(ब्यूरो)। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में एक पत्रकार संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सी.एम.एस. रावत ने बेस अस्पताल की उपलब्धियों, चिकित्सा सुविधाओं, शिक्षा व्यवस्था और भविष्य की विकास योजनाओं को विस्तार से साझा किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के साथ नियमित संवाद से संस्थान के कार्यों को नई गति मिलती है और सकारात्मक फीडबैक से व्यवस्थाओं को और अधिक बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
प्राचार्य डॉ. रावत ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना पूर्व में यहां प्राचार्य रह चुके हैं, जिससे उन्हें कॉलेज की हर गतिविधि और जरूरत की पूरी जानकारी है. इससे निदेशालय और शासन स्तर पर प्रस्तावों पर त्वरित कार्रवाई होने की पूरी उम्मीद है। उन्होंने बताया कि बेस अस्पताल में तीमारदारों की सुविधा के लिए ‘मरीज सहायता एवं जनसंपर्क कार्यालय’ स्थापित किया गया है। साथ ही, अब तक 165 छात्र यहाँ से पीजी की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं, जबकि 114 विद्यार्थी वर्तमान में विभिन्न पीजी पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत हैं।
मेडिकल कॉलेज की गतिविधियों और उपलब्धियों को पारदर्शी रूप से जनता के सामने लाने के लिए अब हर महीने अस्पताल का मासिक डेटा संकलित किया जाएगा। इसके साथ ही कॉलेज की ओर से एक नियमित न्यूज लेटर भी जारी किया जाएगा, जिसमें सभी प्रमुख गतिविधियों और विकास कार्यों की जानकारी दी जाएगी।
नेशनल कमीशन फॉर एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशन्स (NCAHP) के तहत मेडिकल कॉलेज में जल्द ही चार नए पैरामेडिकल पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं:
रेस्पिरेटरी टेक्नोलॉजिस्ट
ऑप्टोमेट्री
डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट
डायलिसिस थेरेपी टेक्नोलॉजी
इन कोर्सों के शुरू होने से स्थानीय युवाओं को चिकित्सा क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और अस्पताल को प्रशिक्षित मानव संसाधन प्राप्त होगा।
प्राचार्य ने एक अन्य महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि शासन के निर्देशानुसार बेस अस्पताल की डायलिसिस यूनिट का संचालन अब हंस फाउंडेशन द्वारा किया जाएगा। इसके लिए संस्था की टीम जल्द ही अस्पताल का दौरा कर एमओयू (MoU) की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी।
पार्किंग निर्माण: बेस अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों की पार्किंग समस्या को दूर करने के लिए परिसर में निर्माण कार्य तेजी से जारी है, जिसके पूरा होने पर बड़ी राहत मिलेगी।
ट्रांजिट हॉस्टल: फैकल्टी के लिए ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
भविष्य की योजनाएं: जीवीके द्वारा उपलब्ध कराई गई जमीन पर भविष्य में पैरामेडिकल कॉलेज, आवासीय परिसर और स्टेडियम का निर्माण प्रस्तावित है।
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य ने बताया कि मेडिकल कॉलेज और बेस अस्पताल में अब तक 170 से अधिक विकास कार्य किए जा चुके हैं। इस दौरान वरिष्ठ वित्त नियंत्रक प्रशांत कुमार शर्मा और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ए.एन. पांडेय सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।