अजय/सत्य की गूंज(ब्यूरो)
देहरादून। उत्तराखंड में सूचीबद्ध न्यूज पोर्टलों को सम्मानजनक विज्ञापन राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया के अंतिम चरण में पहुँचने पर नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने इसका जोरदार स्वागत किया है। उन्होंने इसे प्रदेश में डिजिटल पत्रकारिता को मजबूत करने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम बताया है। साथ ही, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी द्वारा न्यूज पोर्टलों की समस्याओं का संज्ञान लिए जाने की भी उन्होंने खुले दिल से सराहना की है।
स्वामी रसिक महाराज ने कहा कि बदलते दौर में डिजिटल मीडिया केवल त्वरित समाचार प्रसारण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों, सामाजिक सरोकारों और आम जनता से जुड़े मुद्दों को व्यापक स्तर पर पहुँचा रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों में डिजिटल न्यूज पोर्टल स्थानीय समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुँचाने का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुके हैं। ऐसे में सूचीबद्ध पोर्टलों को समयबद्ध और सम्मानजनक विज्ञापन मिलना उनके संस्थागत संचालन के लिए जरूरी है।
पोर्टल संचालन की चुनौतियों और नियमित विज्ञापनों पर जोर
उन्होंने स्पष्ट किया कि एक न्यूज पोर्टल का संचालन केवल खबरें छापने तक सीमित नहीं है। वेबसाइट के रखरखाव, सर्वर, डोमेन, तकनीकी संसाधन, वीडियो निर्माण, फील्ड रिपोर्टिंग और अन्य डिजिटल व्यवस्थाओं पर लगातार भारी खर्च होता है। छोटे और क्षेत्रीय पोर्टलों के लिए इन्हें चलाना बड़ी चुनौती है।
नियमित विज्ञापन: स्वामी महाराज ने सुझाव दिया कि पोर्टलों को केवल विशेष अवसरों पर विज्ञापन देने के बजाय पूरे वर्ष नियमित अंतराल पर विज्ञापन मिलने चाहिए, जिससे उन्हें आर्थिक स्थिरता मिल सके।
पारदर्शी व्यवस्था: विज्ञापन वितरण की व्यवस्था जितनी पारदर्शी और स्पष्ट होगी, उसका लाभ उतना ही वास्तविक रूप से सक्रिय संस्थानों को मिलेगा।
स्वामी रसिक महाराज ने उत्तराखंड में डिजिटल मीडिया के लिए एक स्पष्ट, सरल और व्यावहारिक नियमावली बनाए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की कार्यप्रणाली अलग होती है, जबकि डिजिटल मीडिया का ढांचा पूरी तरह तकनीकी है। इसलिए डिजिटल पोर्टलों की सूचीबद्धता और विज्ञापन वितरण के लिए इसकी प्रकृति के अनुकूल अलग व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे विभागीय प्रक्रियाएं और अधिक व्यवस्थित हो सकें।
उन्होंने अंत में विश्वास जताया कि सूचना विभाग द्वारा डिजिटल मीडिया के हित में आगे भी सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे, जिससे प्रदेश में डिजिटल पत्रकारिता को नई मजबूती और जनहित की आवाज को व्यापक मंच मिलेगा।