विजय बहुगुणा, सत्य की गूंज
कीर्तिनगर / श्रीनगर गढ़वाल। देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के कीर्तिनगर ब्लॉक के अंतर्गत मलेथा के पास स्थित सिरोला गांव में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ बकरी का मांस खाने से दो दर्जन से अधिक ग्रामीण फूड पॉइजनिंग की चपेट में आ गए हैं। अचानक बड़ी संख्या में बच्चों और महिलाओं सहित कई ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ने से पूरे गांव में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव में एक बकरी की संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गई थी, जिसके बाद कुछ ग्रामीणों ने उसका मांस पकाकर खा लिया। मांस खाने के कुछ ही समय बाद लोगों को उल्टियां, तेज दस्त, पेट में दर्द और बच्चों में गंभीर डायरिया की शिकायत होने लगी। स्थिति गंभीर होने पर परिजनों ने बीमार लोगों को तत्काल उपचार के लिए अलग-अलग अस्पतालों में पहुँचाया, जहाँ से बच्चों को बेहतर इलाज के लिए श्रीनगर के हेमवती नंदन बहुगुणा बेस अस्पताल के बाल रोग विभाग में भर्ती कराया गया है।
चिकित्सकों की सलाह: मरे या संदिग्ध पशु का मांस बिल्कुल न खाएं इस घटना को लेकर चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने कड़ी चेतावनी जारी की है। चिकित्सक डॉ. अजय गोस्वामी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी पशु की बीमारी या संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने पर उसके मांस का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। ऐसे मांस में खतरनाक बैक्टीरिया और संक्रमणकारी तत्व मौजूद होते हैं, जो ठीक से पकने के बाद भी शरीर के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकते हैं।
डॉ. गोस्वामी ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को ऐसे भोजनों से पूरी तरह परहेज करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा भोजन करने के बाद उल्टी, दस्त, बुखार या डिहाइड्रेशन जैसे लक्षण दिखें, तो घरेलू नुस्खों में समय गंवाने के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि बच्चों में डिहाइड्रेशन तेजी से जानलेवा रूप ले सकता है।