विजय बहुगुणा, सत्य की गूंज
श्रीनगर गढ़वाल(ब्यूरो)। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के डॉ. अम्बेडकर उत्कृष्टता केंद्र (DACE) के तत्वावधान में विद्यार्थियों के क्षमता निर्माण, व्यक्तित्व विकास एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के उद्देश्य से एक दिवसीय भव्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल, सकारात्मक दृष्टिकोण और निर्णय लेने की क्षमता के साथ-साथ उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति जागरूकता पैदा करना रहा।
कुलपति प्रो. श्री प्रकाश सिंह ने किया दीप प्रज्वलन, दिए प्रेरणादायी टिप्सकार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ माननीय कुलपति प्रो. श्री प्रकाश सिंह एवं अन्य मंचासीन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत केंद्र के समन्वयक प्रो. एम.एम. सेमवाल के स्वागत संबोधन से हुई, जिन्होंने अतिथियों का आत्मीय स्वागत करते हुए कार्यशाला की रूपरेखा और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि के रूप में अपने प्रेरणादायी संबोधन में कुलपति प्रो. श्री प्रकाश सिंह ने विद्यार्थियों को स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान पाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, अनुशासन और सकारात्मक सोच का विकास करना है। उन्होंने लोक प्रशासन के महत्व को समझाते हुए विश्वविद्यालय के पुस्तकालय और संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर विशेष बल दिया।विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव और सफलता के सूत्रप्रो. हर्ष पति डोभाल (दून विश्वविद्यालय): उन्होंने विद्यार्थियों को सफलता के लिए निरंतर अध्ययन, आत्मविश्वास और अनुशासन को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि सफलता किसी एक प्रयास का परिणाम नहीं, बल्कि धैर्य और प्रतिबद्धता का प्रतिफल है।
प्रो. डी.एस. नेगी: उन्होंने विद्यार्थियों को बदलते शैक्षणिक व व्यावसायिक परिवेश के अनुरूप अपने कौशल को लगातार विकसित करने की सलाह दी।श्री रोहित सिंह दुबरिया (जिला समाज कल्याण अधिकारी, पौड़ी): उन्होंने समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए छात्रों से उनका अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
विभिन्न सत्रों और गणमान्य अतिथियों की उपस्थितिकार्यक्रम की अध्यक्षता बिरला परिसर के निदेशक प्रो. हरिभजन सिंह चौहान ने की। समन्वयक प्रो. एम.एम. सेमवाल ने कहा कि क्षमता निर्माण विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की एक निरंतर प्रक्रिया है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ प्राध्यापक और विशेषज्ञ उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से प्रो. महेंद्र बाबू, प्रो. एम.एस. नेगी, डॉ. जसपाल सिंह चौहान, डॉ. श्वेता वर्मा, डॉ. वरुण बर्थवाल, डॉ. सुरेन्द्र मीणा, डॉ. विनीत मौर्य, डॉ. राम साहू और दून विश्वविद्यालय से डॉ. मानवेन्द्र बर्थवाल शामिल रहे।
कार्यक्रम का बेहद प्रभावी संचालन डॉ. आशीष बहुगुणा द्वारा किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. प्रकाश कुमार सिंह ने प्रस्तुत किया। कार्यशाला को सफल बनाने में डॉ. अरविंद रावत, डॉ. वीर सिंह, डॉ. शैलेंद्र चमोला, डॉ. मुकेश सहाय, गौरव पडियार और गौरव वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।