सत्य की गूंज
हरिद्वार(ब्यूरो)। आगामी 30 जुलाई से शुरू हो रही पावन कांवड़ यात्रा को सुगम, सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार का मुख्य उद्देश्य देवभूमि आने वाले करोड़ों शिवभक्तों को एक सुखद और निर्बाध यात्रा का अनुभव कराना है। विगत दिनों हरिद्वार जनपद के प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद अब धरातल पर तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है।
इसी कड़ी में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी संबंधित विभागों को कांवड़ यात्रा की तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरा करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
j जिलाधिकारी के सख्त रुख के बाद सभी महकमों ने कांवड़ पटरी मार्ग और यात्रा रूटों को सुदृढ़ करने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। प्रशासनिक निर्देशानुसार, सभी मूलभूत सुविधाएं हर हाल में 25 जुलाई 2026 तक पूरी कर ली जाएंगी।
अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, महेश बिश्नोई ने तैयारियों की प्रगति रिपोर्ट साझा करते हुए बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में ग्राउंड पर टीमें पूरी तरह सक्रिय हैं।
श्रद्धालुओं के पैदल मार्ग को सुरक्षित बनाने के लिए जिला पंचायत द्वारा कांवड़ पटरी मार्ग पर (लिवरहेडी से मोहम्मदपुर झाल एवं उत्तरा टेक कॉलेज से कलियर की ओर) झाड़ी कटान का कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है। कांवड़ पटरी मार्ग पर जिला पंचायत क्षेत्रांतर्गत आने वाले सभी शौचालयों और स्नानघरों की मरम्मत व स्वच्छता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि शिवभक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
सिंचाई विभाग द्वारा कांवड़ पटरी मार्ग पर नालियों की सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया है।राष्ट्रीय राजमार्ग एनएचएआई द्वारा कांवड़ रूट की सड़कों की मरम्मत, डामरीकरण और सड़क सुदृढ़ीकरण का कार्य त्वरित गति से किया जा रहा है।
अपर मुख्य अधिकारी ने विश्वास जताया है कि जिलाधिकारी द्वारा तय की गई समय-सीमा से पहले ही कांवड़ पटरी मार्ग को पूरी तरह सुगम, सुरक्षित और साफ-सुथरा बना दिया जाएगा।