सत्य की गूंज
हरिद्वार(ब्यूरो)। उत्तराखंड में सक्रिय मानसून के बीच हरिद्वार जिला प्रशासन जनसुरक्षा को लेकर पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। गढ़वाल मण्डल के आयुक्त के आदेशों के अनुपालन में, जिलाधिकारी एवं जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष मयूर दीक्षित ने मानसून के दौरान जनहानि रोकने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण गाइडलाइन जारी की है। जिलाधिकारी ने जिले के सभी सरकारी और निजी जर्जर व क्षतिग्रस्त भवनों तथा दीवारों को चिन्हित कर तत्काल सील करने के कड़े निर्देश दिए हैं।हरिद्वार और चमोली की घटनाओं से लिया सबकजिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अवगत कराया कि हाल ही में जनपद हरिद्वार और चमोली में पुरानी दीवारें क्षतिग्रस्त होने के कारण दर्दनाक दुर्घटनाएं सामने आई हैं। भविष्य में ऐसी किसी भी अनहोनी या जान-माल के नुकसान की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए यह सख्त कदम उठाना अनिवार्य हो गया है। वर्तमान मानसून सत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण सरकारी व निजी परिसंपत्तियों की पुरानी और जर्जर दीवारों तथा भवनों के ढहने की आशंका काफी बढ़ गई है।
प्रशासनिक अमले को जवाबदेह बनाते हुए जिलाधिकारी ने जिले के सभी उपजिलाधिकारियों (SDMs), नगर निकायों, ग्राम पंचायतों और सभी विभागाध्यक्षों (कार्यालयध्याक्षों) को स्पष्ट आदेश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय होकर जर्जर भवनों, दीवारों और अन्य असुरक्षित ढांचों का तत्काल धरातलीय सर्वेक्षण (Survey) करें। चिन्हित किए गए ऐसे सभी खतरनाक और असुरक्षित परिसंपत्तियों को जनसुरक्षा की दृष्टि से तुरंत सील या बंद कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।लाउडस्पीकर से होगी मुनादी, जर्जर स्कूलों पर विशेष नजरआपदा प्रबंधन को मजबूत करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में मुनादी (पब्लिक एड्रेस सिस्टम/लाउडस्पीकर) के माध्यम से समय-समय पर आम जनता को जागरूक किया जाए। जनता को यह साफ हिदायत दी जाए कि वे भारी वर्षाकाल के दौरान पुराने एवं जर्जर भवनों, दीवारों और किसी भी असुरक्षित संरचना के समीप न जाएं और न ही उनके भीतर निवास करें।इसके साथ ही स्कूलों को लेकर विशेष निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई विद्यालय अथवा अन्य सार्वजनिक भवन अनुपयोगी या जर्जर स्थिति में पाया जाता है, तो उसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया जाए ताकि उसमें किसी भी व्यक्ति या बच्चे का प्रवेश न हो सके और संभावित हादसों को टाला जा सके।प्रशासन की जनता से अपील: आपदा नियंत्रण कक्ष को दें सूचनाजिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने समस्त जनपदवासियों से भावुक अपील करते हुए कहा है कि इस कठिन वर्षाकाल के दौरान अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए जर्जर भवनों एवं दीवारों से एक सुरक्षित दूरी बनाए रखें। इसके साथ ही उन्होंने जागरूक नागरिकों से कहा कि यदि उनके आस-पास कोई भी ऐसा असुरक्षित भवन या संरचना दिखाई दे, तो उसकी जानकारी तुरंत स्थानीय प्रशासन या जिला आपदा नियंत्रण कक्ष (Disaster Control Room) को उपलब्ध कराएं, जिससे समय रहते त्वरित सुरक्षात्मक कार्रवाई की जा सके।