विजय बहुगुणा, सत्य की गूंज
श्रीनगर गढ़वाल(ब्यूरो)। पिछले कई दिनों से लापता चल रही वाल्मीकि समाज की बेटी संस्कृति का शव पुलिस द्वारा व्यासी के समीप गंगा नदी से बरामद कर लिया गया है। इस दुखद खबर के सामने आने के बाद से पूरे वाल्मीकि समाज और स्थानीय क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है। मामले में लगातार चल रहे आंदोलन और प्रशासनिक वार्ताओं के बाद बेटी का शव मिलने का यह परिणाम बेहद दर्दनाक रहा। आज श्रीनगर पहुंचने पर विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवार के घर जाकर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इससे पूर्व श्रीनगर आगमन पर उन्होंने भगवान वाल्मीकि मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।
श्रीनगर गढ़वाल पहुंचने पर जनप्रतिनिधियों और सामाजिक पदाधिकारियों ने सबसे पहले स्थानीय भगवान वाल्मीकि मंदिर का रुख किया। यहाँ उन्होंने भगवान वाल्मीकि की भव्य प्रतिमा पर माल्यार्पण कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने प्रभु श्री वाल्मीकि से समस्त समाज के कल्याण, सुख-समृद्धि और शांति के लिए विशेष प्रार्थना की।
मामले की पृष्ठभूमि की जानकारी देते हुए पदाधिकारियों ने बताया कि संस्कृति की गुमशुदगी के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पिछले दिनों एसडीएम और पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में बिटिया की माताजी और अन्य परिजनों की मौजूदगी में पुलिस प्रशासन को संस्कृति की त्वरित खोजबीन के लिए कड़े निर्देश दिए गए थे। वाल्मीकि समाज ने भी एकजुट होकर बेटी की तलाश के लिए लगातार आंदोलन और पुरजोर मांग की थी।
सघन खोजबीन अभियान के बाद, आगामी 24 जून को लापता संस्कृति का शव गंगा नदी से बरामद किया गया। पुलिस और प्रशासन द्वारा शव को कब्जे में लेकर तत्काल ऋषिकेश एम्स (AIIMS) भेजा गया, जहाँ शव का पोस्टमार्टम संपन्न हुआ। हालांकि, परिजनों और सामाजिक संगठनों ने इस बात पर चिंता व्यक्त की है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हो सकी है। जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने पीड़ित परिवार के आवास पर जाकर बिटिया की माताजी, चाचा जी और अन्य परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को इस असीम दुख की घड़ी में ढांढस बंधाया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। इस दौरान श्रीनगर समाज के भी भारी संख्या में लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए उपस्थित रहे।
पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान वाल्मीकि समाज और विभिन्न संगठनों के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं: नीरज नागलिया (प्रदेश महामंत्री, राष्ट्रीय वाल्मीकि क्रांतिकारी मोर्चा), संयम कुमार (प्रदेश महामंत्री, युवा मोर्चा एवं मंडल अध्यक्ष, भाजपा अनुसूचित जाति अंबेडकर नगर मंडल देहरादून), विक्रम टॉक (प्रदेश उपाध्यक्ष, युवा मोर्चा), निखिल पार्चा (मंडल महामंत्री), जयपाल टॉक (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, वाल्मीकि मोर्चा), राजेश कुमार (सुपरवाइजर एवं राष्ट्रीय सचिव, मोर्चा), मनोज सिरस्वाल (प्रदेश उपाध्यक्ष, वाल्मीकि मोर्चा) सहित अन्य सामाजिक कार्यकर्ता व पदाधिकारी।