सत्य की गूंज(ब्यूरो)
टनकपुर (चम्पावत)। प्रदेश के सिंचाई, पर्यटन, लोक निर्माण एवं ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने टनकपुर पहुंचकर शारदा कॉरिडोर परियोजना के तहत चल रहे विभिन्न विकास कार्यों और आपदा प्रत्यास्थता हेतु पारिस्थितिक गलियारा विकास, नायकखेड़ा का औचक एवं स्थलीय निरीक्षण किया।
शारदा कॉरिडोर और बाढ़ सुरक्षा कार्यों की ली जानकारीकैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र चम्पावत में शारदा नदी के दाँये पार्श्व (तटबंध) पर बूम से टनकपुर तक बाढ़ से बचाव हेतु 6020.89 लाख रुपये की लागत से बन रही शारदा कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत शारदा घाट के पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा लिया। इसके साथ ही उन्होंने किरोड़ा नाले पर चल रहे सुरक्षात्मक कार्यों और 85.23 करोड़ रुपये की लागत से बाढ़ जोखिम को कम करने एवं क्षेत्र को आपदा-रोधी बनाने हेतु तैयार हो रहे ‘पारिस्थितिक गलियारा विकास, नायकखेड़ा’ प्रोजेक्ट का भी बारीकी से निरीक्षण किया।
मंत्री महाराज ने बताया कि शारदा कॉरिडोर परियोजना के निर्माण से लगभग 3900 की जनसंख्या लाभान्वित होगी और 33 हेक्टेयर भूमि की सुरक्षित होगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य बनबसा से माता रणकोची तक शारदा नदी के तटवर्ती क्षेत्र को एक ऐसी सशक्त पहचान देना है, जहाँ धर्म, प्रकृति, पर्यटन और आजीविका का सुंदर समन्वय स्थापित हो सके। यह क्षेत्र न केवल आस्था का केंद्र रहेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और सतत विकास के नए द्वार खोलेगा।
पर्यावरण-संवेदनशील और आकर्षक बनाने पर जोरनिरीक्षण के दौरान मंत्री ने कहा कि परियोजना का लक्ष्य शारदा नदी के तट को पर्यावरण-संवेदनशील, स्वच्छ, सुरक्षित और सुंदर बनाना है। इसके तहत:सुव्यवस्थित घाटों और सुगम पहुंच मार्गों का निर्माण।
स्थानीय कारीगरों, विक्रेताओं और समुदायों के लिए आजीविका के नए साधन जुटाना।मंत्री ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य तय मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं, ताकि बाढ़ से सुरक्षा मिलने के साथ-साथ क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सके।
इस अवसर पर सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सहित कई अन्य संबंधित लोग उपस्थित रहे।