विजय बहुगुणा, सत्य की गूंज
देवप्रयाग / श्रीनगर गढ़वाल। नरेन्द्रनगर वन प्रभाग एवं डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया (WWF India, Dehradun) के संयुक्त तत्वावधान में तहसील सभागार परिसर देवप्रयाग में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला माणिकनाथ एवं कीर्तिनगर रेंज के ग्राम स्तरीय सुरक्षा बलों (VVPF – Village Volunteers Protection Force), वन पंचायत सरपंचों, सदस्यों और स्थानीय ग्रामीणों के लिए मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकथाम, न्यूनीकरण तथा सर्पदंश एवं स्नेक रेस्क्यू जैसे विषयों पर केंद्रित रही।
कार्यशाला के दौरान वक्ताओं ने VVPF के दायित्वों और मानव-वन्यजीव संघर्ष की आपात स्थिति में उनके द्वारा किए जाने वाले प्राथमिकता आधारित सुरक्षात्मक कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पर्वतीय क्षेत्रों में गुलदार, भालू और जंगली सुअर जैसे वन्यजीवों से सुरक्षा को लेकर विशेष रूप से चर्चा की गई और चलचित्रों (प्रस्तुतियों) के माध्यम से बचाव के उपाय समझाए गए।
क्षेत्र में सर्पदंश की बढ़ती घटनाओं को ध्यान में रखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में पाए जाने वाले विभिन्न सांपों और सर्पदंश की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में भी विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम के अंत में एक प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित ग्रामीणों और VVPF सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने मैदानी अनुभव साझा किए।
प्रशिक्षण कार्यशाला में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया के सलाहकार वी.एस. तोमर, श्री पंकज जोशी, ए.पी. गोगोई, माणिकनाथ रेंज के वन क्षेत्राधिकारी गौतम सिंह रावत, कीर्तिनगर रेंज के उप वन क्षेत्राधिकारी सुखदेव प्रसाद बडोनी सहित दोनों रेंजों के वन कर्मचारी, VVPF सदस्य, वन पंचायत सरपंच और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।