सत्य की गूंज
सिकंदराबाद (बुलंदशहर)।क्षेत्र के ग्राम भराना में गंगनहर के समीप स्थित प्रसिद्ध श्री नर्मदेश्वर महादेव आश्रम पर इस वर्ष गुप्त नवरात्रि के पावन अवसर पर एक ऐतिहासिक और भव्य धार्मिक अनुष्ठान होने जा रहा है। आगामी 15 जुलाई से 21 जुलाई तक आयोजित होने वाले इस सप्त दिवसीय (7 दिवसीय) महा-उत्सव में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इतिहास में पहली बार आश्रम परिसर में चारों वेदों की विधि-विधान से स्थापना की जाएगी। इस भव्य और अलौकिक पल के साक्षी हजारों सनातनी धर्मप्रेमी बनेंगे।यह जानकारी एसडीएम (SDM) कॉलोनी स्थित मनोकामना सिद्ध नवग्रह शनिदेव मंदिर पावन धाम के पीठाधीश्वर, प्रख्यात ज्योतिषाचार्य एवं कथाव्यास आचार्य पंडित आशीष उपाध्याय ने दी।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश का ऐसा पहला आश्रमआचार्य पंडित आशीष उपाध्याय ने बताया कि परम पूजनीय गुरुदेव भगवान स्वरूप वेदमूर्ति स्वामी श्री फलाहारी जी महाराज के पावन आशीर्वाद और संरक्षण में यह आयोजन समस्त ग्रामवासियों, क्षेत्रवासियों और सनातनी धर्म प्रेमियों के सहयोग से संपन्न हो रहा है। उन्होंने कहा:”पश्चिमी उत्तर प्रदेश में यह ऐसा पहला आश्रम होगा, जहां गुप्त नवरात्रि के शुभ अवसर पर चारों वेदों की स्थापना की जा रही है। यह संपूर्ण क्षेत्र के लिए बड़े गौरव और सौभाग्य की बात है।”15 जुलाई को भव्य शोभायात्रा, 1108 सत्यनारायण व्रत कथा का मूल पाठइस सात दिवसीय धार्मिक महाकुंभ में अध्यात्म और भक्ति की अविरल गंगा बहेगी।
15 जुलाई (भव्य शुभारंभ): उत्सव के पहले दिन क्षेत्र में एक अत्यंत भव्य और विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे।
1108 श्री सत्यनारायण व्रत कथा: अनुष्ठान के दौरान सामूहिक रूप से 1108 श्री सत्यनारायण व्रत कथा के मूल पाठ किए जाएंगे, जो अपने आप में एक अनूठा कीर्तिमान होगा।
नित्य रुद्राभिषेक: लोक कल्याण और विश्व शांति के लिए विद्वान आचार्यों के संरक्षण में प्रतिदिन भगवान शिव का विशेष रुद्राभिषेक संपन्न होगा।
21 जुलाई (समापन): गुप्त नवरात्रि के अंतिम दिन विशाल हवन-यज्ञ और भव्य भंडारे के साथ इस महा-उत्सव का विधिपूर्वक समापन होगा।
आश्रम के पीठाधीश्वर वेदमूर्ति स्वामी श्री फलाहारी जी महाराज एवं आचार्य पंडित आशीष उपाध्याय ने देश और क्षेत्र के सभी सनातन धर्मावलंबियों, मातृशक्ति और युवाओं से इस अलौकिक धार्मिक आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ उठाने और इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने का भावपूर्ण आह्वान किया है।