विजय बहुगुणा, सत्य की गूंज
कीर्तिनगर (टिहरी गढ़वाल)। लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) कीर्तिनगर में तैनात अधिशासी अभियंता (ईई) धीरेंद्र कुमार के तबादले और उनके कार्यकाल में हुए विकास कार्यों की उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर क्षेत्र का आक्रोश सड़क पर उतर आया है। मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से नाराज नरेंद्र सिंह क्षेत्रीय जनता और जनप्रतिनिधियों के साथ उपजिलाधिकारी कार्यालय कीर्तिनगर के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए और शासन-प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
आंदोलन की अगुवाई कर रहे नरेंद्र सिंह ने बताया कि गत 10 सितंबर को उपजिलाधिकारी कीर्तिनगर के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर ईई धीरेंद्र कुमार के तत्काल तबादले और उनके कार्यकाल के कार्यों की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई गई थी। इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई, जिससे क्षेत्रीय जनता में भारी रोष व्याप्त है और उन्हें मजबूरन अनिश्चितकालीन धर का रास्ता अपनाना पड़ा है।मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी देते हुए कहा गया है कि यदि समय रहते मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा। इसके तहत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और लोनिवि मंत्री सतपाल महाराज के पुतले दहन का कार्यक्रम भी किया जा सकता है।
धरना स्थल पर अपने विचार रखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप गोदियाल और अंचल नेगी ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की पुरजोर मांग उठाई। वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र के निर्माण कार्यों और लोनिवि की कार्यप्रणाली को लेकर जनता के मन में जो सवाल उठ रहे हैं, उनका पारदर्शी तरीके से समाधान होना आवश्यक है।
इस विरोध प्रदर्शन और धरने में दिनेश भट्ट, राजेंद्र रावत, भजन नेगी, प्रवेश फोंदनी, नवीन सिंह, कुशाल रावत, नरेंद्र कुमार, चमन लाल और ग्राम प्रधान कपरोली दिनेश कुमार सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनता एवं अन्य लोग मौजूद रहे।