विजय बहुगुणा, सत्य की गूंज
पौड़ी गढ़वाल(ब्यूरो)। उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के जरिए ग्रामीण अंचलों में स्वरोजगार की बहार देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और आजीविका के साधन बढ़ाने के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना तथा जिला योजना का सकारात्मक असर जनपद पौड़ी गढ़वाल के पाबौ ब्लॉक में साफ नजर आ रहा है। यहाँ के बिडोली गांव में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए 20 नए तालाबों का निर्माण किया गया है, जिनका सफल संचालन ‘प्रेरणा मत्स्य जीवी सहकारिता समिति’ द्वारा किया जा रहा है।
इस सहकारिता समिति में कुल नौ स्थानीय सदस्य शामिल हैं, जो न केवल इन तालाबों में मछली पालन का काम देख रहे हैं, बल्कि उत्पादित मछलियों के विपणन (मार्केटिंग) की जिम्मेदारी भी खुद संभाल रहे हैं। समिति द्वारा स्थानीय होटलों की मांग के अलावा खिर्सू, चौबट्टाखाल, पाबौ और आसपास के अन्य बाजारों में ताजी मछली की आपूर्ति की जा रही है। वर्तमान में बाजार में मछली का मूल्य 250 से 300 रुपये प्रति किलोग्राम है, और समिति अब तक लगभग 70 किलोग्राम मछली बेच चुकी है। इसके अलावा, तालाबों में अभी लगभग पाँच क्विंटल मछली और उपलब्ध है, जिसे मांग के अनुसार बाजारों में उतारा जा रहा है।
मस्य अधिकारी अभिषेक मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि बिडोली के इन तालाबों में मुख्य रूप से फंगास, कार्प और तिलापिया प्रजाति की मछलियों का वैज्ञानिक तरीके से पालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य गांवों में ही रोजगार के नए अवसर पैदा करना और स्थानीय लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
इस पहल से जहां एक ओर समिति से जुड़े सदस्यों की आय में इजाफा हो रहा है, वहीं पर्वतीय क्षेत्र में मत्स्य पालन के प्रति स्थानीय युवाओं का रुझान भी तेजी से बढ़ रहा है।