सत्य की गूंज
हरिद्वार(ब्यूरो)। धर्मनगरी हरिद्वार के घाटों को स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशों के अनुपालन में शनिवार को ऋषिकुल चौक स्थित कश्यप घाट पर एक विशेष स्वच्छता एवं गाजर घास उन्मूलन अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य घाट क्षेत्र का सौंदर्यीकरण करना और आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना रहा।संस्थाओं ने मिलकर किया महा-श्रमदानजिलाधिकारी के दिशा-निर्देशानुसार आयोजित इस विशेष अभियान में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की प्रेरणा से कई संस्थाओं ने एक साथ मिलकर मोर्चा संभाला। नगर निगम हरिद्वार, आईटीसी मिशन ‘सुनहरा कल’ तथा श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम के स्वयंसेवकों और अधिकारियों ने संयुक्त रूप से घाट पर महा-श्रमदान किया। अभियान के दौरान घाट परिसर और उसके आसपास फैले प्लास्टिक व अन्य कचरे की व्यापक सफाई की गई। साथ ही जनस्वास्थ्य के लिए हानिकारक गाजर घास का पूरी तरह उन्मूलन कर क्षेत्र को साफ-सुथरा बनाया गया।38 कट्टे कचरे का होगा वैज्ञानिक निस्तारणइस व्यापक स्वच्छता अभियान के दौरान पूरी टीम ने मिलकर रिकॉर्ड 38 कट्टे सूखा कचरा एकत्र किया। इस एकत्रित कचरे को पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना वैज्ञानिक निस्तारण (Scientific Disposal) के लिए तत्काल नगर निगम हरिद्वार की टीम को सौंप दिया गया। इसके साथ ही गाजर घास हटाकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण और मौसमी बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया।
स्वयंसेवकअभियान में शामिल अधिकारियों और जागरूक स्वयंसेवकों ने स्थानीय निवासियों और तीर्थयात्रियों से अपील करते हुए कहा कि स्वच्छता को केवल एक दिन का अभियान न समझें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनसहभागिता और नियमित श्रमदान के जरिए ही हम सब मिलकर स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर हरिद्वार का सपना साकार कर सकते हैं।अभियान के समापन पर उपस्थित सभी लोगों ने “स्वच्छता ही सेवा, स्वच्छता ही संस्कार” का गगनभेदी नारा देते हुए पवित्र गंगा घाटों और अपने आस-पास के पर्यावरण को सदैव स्वच्छ बनाए रखने का सामूहिक संकल्प भी लिया।