मेडिकल कॉलेज और श्रीकोट विद्या मंदिर में सतर्कता जागरूकता सप्ताह के तहत दिलाई गई सत्यनिष्ठा की शपथ
विजय बहुगुणा / सत्य की गूंज (ब्यूरो)
श्रीनगर गढ़वाल / श्रीकोट। केंद्रीय सतर्कता आयोग के तत्वावधान में आयोजित ‘सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026’ के तहत हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) प्रो. एम.एम. सेमवाल के नेतृत्व में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली राजकीय मेडिकल कॉलेज तथा सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, श्रीकोट में पृथक-पृथक शपथ ग्रहण कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। इन दोनों परिसरों में संकाय सदस्यों, कार्मिकों एवं छात्र-छात्राओं को “सत्यनिष्ठा से समृद्धि” (Probity for Prosperity) की प्रतिज्ञा दिलाई गई।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में आयोजित समारोह को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए प्रो. सेमवाल ने कहा कि चिकित्सा केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना और सामाजिक विश्वास से जुड़ा एक पवित्र दायित्व है। उन्होंने रेखांकित किया कि शैक्षणिक व तकनीकी दक्षता एक व्यक्ति को कुशल चिकित्सक अवश्य बना सकती है, किंतु सत्यनिष्ठा और चिकित्सीय नैतिकता (Medical Ethics) ही उसे समाज में वंदनीय बनाती है। उन्होंने भावी चिकित्सकों से आह्वान किया कि वे अपने नैदानिक निर्णयों में शुचिता, निष्पक्षता और रोगी-कल्याण को सदैव सर्वोपरि रखें।
इस अवसर पर एनाटॉमी विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल द्विवेदी, प्रो. निहिता ऐरन सहित वरिष्ठ संकाय सदस्य, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में मेडिकल छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
तदोपरांत, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, श्रीकोट में आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए प्रो. सेमवाल ने कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र की वास्तविक संवाहक है। उन्होंने रेखांकित किया कि एक सजग नागरिक के रूप में केवल मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि नागरिक कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करना भी उतना ही अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि चरित्र निर्माण ही किसी भी राष्ट्र की स्थायी पूँजी है; यदि विद्यार्थी जीवन से ही विचारों में स्पष्टता और आचरण में शुचिता रहेगी, तो एक सुदृढ़ समाज की नींव स्वतः तैयार होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में अनुशासन, पारदर्शी सोच और सामाजिक उत्तरदायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाने का आह्वान किया। इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य भीम राज सिंह बिष्ट, सुरेश गैरोला, कृष्ण किशोर भंडारी, अमन पंत, चमन सिंह सहित समस्त शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
दोनों ही संस्थानों में उपस्थित जनसमूह ने अपने व्यक्तिगत व पेशेवर जीवन में सत्यनिष्ठा को आत्मसात कर भ्रष्टाचार-मुक्त समाज निर्माण में सक्रिय योगदान देने का सामूहिक संकल्प लिया।