विजय बहुगुणा, सत्य की गूंज
श्रीनगर गढ़वाल(ब्यूरो) । नगर निगम श्रीनगर गढ़वाल में बीते मंगलवार (16 जून 2026) को सफाई कर्मचारियों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं के समाधान हेतु एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री) भगवत प्रसाद मकवाना मौजूद रहे। उन्होंने सफाई कर्मियों की एक-एक कर सभी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को धामी सरकार व मोदी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर उचित क्रियान्वयन करने के कड़े निर्देश दिए।
बैठक में एसडीएम/नगर आयुक्त श्रीमती नूपुर वर्मा, तहसीलदार, जिला सहायक समाज कल्याण अधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, श्रम विभाग के अधिकारी, स्वजल, जल संस्थान, बेस हॉस्पिटल व संयुक्त राजकीय चिकित्सालय के अधिकारी, सहायक नगर आयुक्त और समाज के कई प्रतिष्ठित लोग मौजूद रहे।
🛑 ठेकेदारों के शोषण पर भड़के राज्यमंत्री: ब्लैकलिस्ट करने के आदेश
समीक्षा बैठक के दौरान सफाई कर्मचारियों के आर्थिक शोषण का मामला प्रमुखता से उठा, जिस पर उपाध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने कड़ा रुख अपनाया:
₹500 प्रतिदिन मानदेय का नियम: नगर निगम में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाले सफाई कर्मियों को शासनादेश के अनुसार ₹500 प्रतिदिन दिए जाने के निर्देश ठेकेदार को दिए गए। आयोग के संज्ञान में लाया गया कि ठेकेदार द्वारा महिला सफाई कर्मचारियों को मात्र ₹7500 दिए जा रहे हैं, जिस पर मकवाना जी ने तीव्र नाराजगी प्रकट की और शीघ्र ही पूरा वेतन भुगतान करने के निर्देश दिए।
अस्पताल के ठेकेदार पर गाज: बैठक में खुलासा हुआ कि अस्पताल में भी सफाई कर्मियों को मात्र ₹8500 दिए जा रहे हैं, जबकि शासनादेश के अनुसार उत्तराखंड में न्यूनतम मजदूरी ₹13,057 निर्धारित है। राज्यमंत्री ने इस शोषण पर तत्काल संज्ञान लेते हुए अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक को संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्टेड करने और उसके खिलाफ दंडात्मक कानूनी कार्रवाई करने के आदेश जारी किए।
नियमितीकरण: नगर निगम में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को शासनादेश के नियमों के अनुसार शीघ्र नियमित करने पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
📋 शिविर लगाकर दिए जाएंगे लोन और आयुष्मान कार्ड
सफाई कर्मचारियों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय भी लिए गए:
लोन की सुविधा: समाज कल्याण विभाग को निर्देशित किया गया कि वे विशेष शिविर (Camp) का आयोजन कर सफाई कर्मचारियों को स्वरोजगार व अन्य कार्यों के लिए लोन की सुविधा प्राथमिकता पर उपलब्ध कराएं।
स्वास्थ्य सुरक्षा: अस्पताल के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शत-प्रतिशत सफाई कर्मचारियों और उनके परिवारों के आयुष्मान कार्ड तत्काल बनाए जाएं।
धार्मिक व सांस्कृतिक आस्था का सम्मान: श्रीनगर में ‘महर्षि वाल्मीकि चौक’ का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने तथा महर्षि वाल्मीकि मंदिर के निकट बने सुलभ शौचालय को वहां से तुरंत हटाने के कड़े निर्देश दिए गए।
”किसी भी विभाग या स्तर पर सफाई कर्मचारियों का उत्पीड़न और आर्थिक शोषण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धामी सरकार और राज्य सफाई कर्मचारी आयोग हमारे सफाई मित्रों के अधिकारों की रक्षा और उनके उत्थान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”
— भगवत प्रसाद मकवाना, उपाध्यक्ष – राज्य सफाई कर्मचारी आयोग
बैठक में वाल्मीकि समाज और कर्मचारी संगठनों की रही भारी उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण बैठक में वाल्मीकि समाज के प्रतिष्ठित नेताओं और श्रमिक संगठनों के पदाधिकारियों ने अपनी आवाज बुलंद की। मौके पर राष्ट्र वाल्मीकि क्रांतिकारी मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री जयपाल टांक, अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री मनोज सिरसवाल, राष्ट्रीय सचिव राजेश, संगठन के अध्यक्ष और महामंत्री, गढ़वाल मंडल अध्यक्ष यश गोडियाल, प्रदेश सचिव प्रीतम सिंह, प्रदेश सचिव संजीव कुमार वाल्मीकि, नगर अध्यक्ष (श्रीनगर) रोहित कुमार, नगर कार्यवाहक अध्यक्ष आकाश कुमार भौंते सहित भारी संख्या में सफाई कर्मचारी और महिला संगठन उपस्थित रहे।