विजय बहुगुणा, सत्य की गूंज
श्रीनगर गढ़वाल(ब्यूरो)। देवभूमि उत्तराखंड की आध्यात्मिक चेतना और सनातन संस्कृति से अनुप्राणित गौलक्षय पर्वत एवं इन्द्रगवन की पावन तलहटी में स्थित ग्राम सरणा की पुण्यभूमि पर श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा का भव्य शुभारंभ हो गया है। मां भगवती गौरा देवी मंदिर समिति एवं समस्त ग्रामवासियों के तत्वावधान में आयोजित इस कथा के प्रथम दिन श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उत्साह का अनुपम संगम देखने को मिला। क्षेत्रभर से उमड़े आस्था के जनसैलाब से पूरा कथा पंडाल छोटा पड़ गया।
आचार्य प्रमोद चमोली के मुखारविंद से बह रही भक्ति की गंगाव्यास पीठ पर विराजमान प्रख्यात कथा वाचक आचार्य पंडित प्रमोद चमोली ने अपने मुखारविंद से श्रीमद् देवी भागवत महापुराण की अमृतमयी कथा का रसपान कराते हुए मां आदिशक्ति की महिमा का गुणगान किया। उन्होंने कथा के माध्यम से धर्म, संस्कार, मानव कल्याण एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण का एक मजबूत संदेश दिया। मां गौरा देवी के जयघोष और वैदिक मंत्रोच्चारण से पूरा सरणा गांव आध्यात्मिक रंग में रंग गया है।
विद्वान आचार्यों का नोटों की माला पहनाकर हुआ स्वागतसनातन परंपरा के अनुसार, गांव के नवयुवकों ने व्यास पीठ पर विराजमान विद्वान आचार्यों एवं पंडितों का पुष्पमालाओं के साथ-साथ लक्ष्मी (नोटों) की मालाएं पहनाकर भव्य स्वागत व सम्मान किया। इस धार्मिक अनुष्ठान को वैदिक विधि-विधान से संपन्न कराने में वरिष्ठ आचार्य पंडित अनुसूया प्रसाद भट्ट, आचार्य हरीश बहुगुणा, पंडित महेंद्र जुयाल, प्रमोद उनियाल, प्रवीन बेलवाल एवं मुकेश नैथानी सहित अन्य आचार्यों की मुख्य भूमिका रही। खिर्सू ब्लॉक प्रमुख अनिल भण्डारी ने मुख्य अतिथि के रूप में कथा स्थल पर पहुंचकर व्यास पीठ पर विराजमान कथा वाचक आचार्य प्रमोद चमोली को मुकुट पहनाकर सम्मानित किया। उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा:”ऐसे भव्य धार्मिक आयोजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के सच्चे संवाहक हैं। ये समाज में नैतिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं।”कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने भी लिया मां गौरा देवी का आशीर्वादउत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने भी कथा स्थल पहुंचकर व्यास पीठ पर शीश नवाया और मां भगवती गौरा देवी का आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर अभिषेक घिल्डियाल, सूरज नेगी एवं विनोद बिष्ट भी उपस्थित रहे। उन्होंने आयोजन समिति एवं ग्रामवासियों को इस सफल और भव्य आयोजन के लिए शुभकामनाएं देते हुए क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
सामाजिक एकता और जन-सहयोग की अनूठी मिसालकथा के प्रथम दिन महिलाओं और मातृशक्ति की भारी संख्या में भागीदारी रही। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित बनाने में महिला मंगल दल, युवक मंगल दल और समस्त ग्रामीणों ने एकजुट होकर बढ़-चढ़कर सहयोग दिया। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से आगामी दिनों में भी अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण करने और पुण्य लाभ अर्जित करने का आह्वान किया है।
