विजय बहुगुणा /सत्य की गूंज (ब्यूरो)
देहरादून / श्रीनगर गढ़वाल। राजकीय पॉलिटेक्निक श्रीनगर गढ़वाल के पूर्व छात्र संगठन (एलुमिनी एसोसिएशन) द्वारा देहरादून स्थित निरंजन फार्म में एक भव्य एवं यादगार एलुमिनी मीट का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में संस्थान के पूर्व छात्र-छात्राओं ने भारी उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। इस अनूठे सम्मेलन में वर्ष 1968 से लेकर 2025 तक के विभिन्न बैचों के पूर्व छात्र उपस्थित रहे, जहाँ पुराने मित्रों ने वर्षों बाद मिलकर अपनी पुरानी यादें ताजा कीं और संस्थान से जुड़े अपने अनुभव व उपलब्धियों को साझा किया।
कार्यक्रम में वर्ष 1971 के प्रथम बैच के पूर्व छात्र विशेष अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए, जिनकी उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को और बढ़ा दिया। वरिष्ठ पूर्व छात्रों ने अपने संबोधन में संस्थान के गौरवशाली इतिहास, तकनीकी शिक्षा के महत्व और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य में पूर्व छात्र संगठन की अहम भूमिका पर प्रकाश डाला।
इस दौरान संस्थान के उप निदेशक एवं प्रधानाचार्य श्री सर्वेश कुमार वर्मा, संयुक्त निदेशक श्री गिरि जी, एचओडी डॉ. भारती विश्वकर्मा, प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट अधिकारी श्रीमती रीना नवानी, श्री प्रवींदर कुमार, प्रवक्ता श्री अनिल साह, श्री प्रशांत बहुगुणा एवं श्री राहुल सहित कई गणमान्य शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
एलुमिनी एसोसिएशन के पदाधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम के सफल आयोजन में एलुमिनी एसोसिएशन के प्रमुख पदाधिकारियों की विशेष भूमिका रही, जिनमें निम्नलिखित प्रमुख नाम शामिल हैं:
दिवाकर धस्माणा (अध्यक्ष एवं सहायक अभियंता, लोनिवि / PWD)
वीरेन्द्र सिंह गुसाईं (उपाध्यक्ष एवं मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत रुद्रप्रयाग)
सुभाष चन्द्र नौटियाल (सचिव एवं संपादक-प्रकाशक, टूरिस्ट संदेश पब्लिकेशन हाउस)
निरंजन सिंह रावत (कोषाध्यक्ष एवं सहायक अभियंता, लोनिवि)
कमल किशोर उनियाल (सहायक अभियंता, लोनिवि)
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य पूर्व छात्रों के बीच आपसी संपर्क को मजबूत करना, संस्थान के साथ उनके संबंधों को प्रगाढ़ बनाना तथा वर्तमान विद्यार्थियों के मार्गदर्शन और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना रहा। सभी ने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से जुड़े रहने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में एक भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया, जिसने इस एलुमिनी मीट को यादगार बना दिया। उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध लोकगायक एवं गढ़रत्न श्री नरेंद्र सिंह नेगी ने अपनी जादुई आवाज और लोकप्रिय लोकगीतों से कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। उनके सुरों पर पूर्व छात्र-छात्रएँ झूम उठे और उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति व परंपराओं का भरपूर आनंद लिया। संगीत, उत्साह और पुरानी यादों के साथ इस भव्य आयोजन का समापन हुआ।