मसूरी: लोनिवि मंत्री सतपाल महाराज ने किया पानी वाले बैंड और पुल निर्माण का औचक निरीक्षण
अजय, सत्य की गूंज
देहरादून/मसूरी(ब्यूरो)। प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने शुक्रवार को मसूरी के कोल्हूखेत के पास पानी वाले बैंड और देहरादून-मसूरी राज्यमार्ग संख्या-1 के किमी-18 पर चल रहे निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया। हाल ही में भारी बरसात के कारण पानी वाले बैंड के पास सड़क का पुश्ता दरक गया था, जिसकी स्थिति का जायजा लेने के साथ ही मंत्री ने अधिकारियों को तय समय-सीमा के भीतर सभी निर्माण कार्य पूरे करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
निरीक्षण के दौरान मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि गत 20 जुलाई 2026 की रात्रि को देहरादून-मसूरी राज्यमार्ग सं0-1 पर पानी वाले मोड़ के पास लगभग 20 मीटर लंबाई में मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे सड़क की चौड़ाई सिमटकर मात्र 2.50 मीटर रह गई थी। घटना के तुरंत बाद विभाग ने जेसीबी मशीनों की मदद से राहत कार्य शुरू कर दिया था। आवागमन को पूरी तरह सुचारू बनाने के लिए अतिरिक्त पहाड़ी कटान को लेकर वार्ता की जा रही है।
इसके साथ ही, उत्तराखंड की स्लोप ट्रीटमेंट की एक्सपर्ट संस्था ULLMC द्वारा मोटरमार्ग के किमी-20 और किमी-25 का निरीक्षण किया गया है, ताकि सुरक्षात्मक कार्यों को शीघ्र अति शीघ्र शुरू किया जा सके।
मसूरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत देहरादून-मसूरी राज्यमार्ग संख्या-1 के किमी-18 पर क्षतिग्रस्त पुराने सिंगल लेन सेतु के स्थान पर 12 करोड़ रुपये की लागत से 60 मीटर स्पान के डबल लेन क्लास ए/70 आर लोडिंग स्टील बॉक्स सेतु का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। मंत्री ने इस निर्माण कार्य का भी बारीकी से निरीक्षण किया:
फैब्रिकेशन कार्य: सेतु का फैब्रिकेशन 100 प्रतिशत पूरा हो चुका है और ग्राउंड इरेक्शन का कार्य प्रगति पर है, जिसे 30 जुलाई 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।
देहरादून छोर: देहरादून की तरफ से 7 पाइलों की खुदाई और कंक्रीटिंग का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष पाइलों का कार्य भी 30 जुलाई तक पूरा हो जाएगा।
मसूरी छोर: मसूरी की तरफ से 9 में से 3 पाइलों की खुदाई व कंक्रीटिंग हो चुकी है, तथा अन्य पर तेजी से काम चल रहा है। कार्य में और तेजी लाने के लिए रिंग मशीन का भी उपयोग किया जा रहा है।
इस औचक निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के कई शीर्ष अधिकारी मौके पर मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से राजेश शर्मा (प्रमुख अभियंता, लोनिवि), ओ.पी. सिंह (अधीक्षण अभियंता), राजेश कुमार (अधिशासी अभियंता) शामिल हैं।