विजय बहुगुणा, सत्य की गूंज
पौड़ी गढ़वाल(ब्यूरो)। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। पौड़ी जिले के लैंसडौन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नैनीडांडा ब्लॉक से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। यहाँ के बढ़ासी गांव में एक आदमखोर गुलदार ने घास लेने गई 66 वर्षीय बुजुर्ग महिला को अपना निवाला बना लिया। इस दुखद घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और वन विभाग के खिलाफ स्थानीय जनता का गुस्सा फूट पड़ा है।जंगल गई थीं महिला, घात लगाकर बैठा था गुलदारप्राप्त जानकारी के अनुसार, बढ़ासी गांव निवासी 66 वर्षीय सुशीला देवी (पत्नी स्वर्गवासी अनूप बिष्ट) अन्य दिनों की तरह रविवार को गांव के पास ही जंगल में घास लेने गई थीं। इसी दौरान झाड़ियों में घात लगाकर बैठे गुलदार ने उन पर अचानक जानलेवा हमला कर दिया। गुलदार महिला को घसीटकर ले गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। काफी देर तक जब महिला वापस नहीं लौटी, तो ग्रामीणों ने खोजबीन शुरू की, जिसके बाद महिला का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ।
इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों में वन विभाग और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ गहरा रोष देखने को मिल रहा है। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के नेता कुलदीप रावत ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लगातार गुलदार के हमले हो रहे हैं और ग्रामीण अपनी जान गंवा रहे हैं, लेकिन वन विभाग और प्रशासन कुंभकरण की नींद सो रहा है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए क्षेत्र को गुलदार के आतंक से जल्द से जल्द निजात दिलाने की मांग की है।
सीडीओ पौड़ी ने कहा- टीम तैनात, स्कूली बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी (CDO) पौड़ी, अशोक जोशी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही राजस्व और वन विभाग की टीम को मौके पर रवाना किया गया था। मृतका का शव कब्जे में लेकर पंचनामा भरने की कार्रवाई की गई और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।सीडीओ अशोक जोशी ने आगे जानकारी दी कि वन्यजीव के आतंक को देखते हुए प्रभावित क्षेत्र में वन विभाग की टीम को तैनात कर दिया गया है।
इसके साथ ही स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। उन्होंने सभी ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगलों या सुनसान रास्तों पर अकेले जाने से बचें और सुबह-शाम विशेष सतर्कता बरतें।