विजय बहुगुणा / सत्य की गूंज ब्यूरो
पौड़ी गढ़वाल। उत्तरा केयर हॉस्पिटल, ISSA फाउंडेशन एवं शौर्य रिहैबिलिटेशन सेंटर (नई दिल्ली) के संयुक्त तत्वावधान में राजकीय इंटर कॉलेज (GIC), पौड़ी गढ़वाल में ‘मिशन सक्षम – हर बच्चा सक्षम, हर परिवार समर्थ’ के तहत दिव्यांगता जागरूकता एवं अभिभावक मार्गदर्शन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। ISSA फाउंडेशन के संस्थापक आई.एस. नेगी के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में 150 से अधिक लोगों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों एवं विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों की प्रारंभिक पहचान, समय पर हस्तक्षेप, उचित परामर्श, पुनर्वास और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तरा केयर हॉस्पिटल के सीईओ डॉ. जॉर्ज निओल फर्नांडिस उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी अरविंद कुमार तथा शौर्य रिहैबिलिटेशन सेंटर की संस्थापक एवं निदेशक श्रीमती पूजा डंडरियाल ने विशेष रूप से शिरकत की। आयोजन को सफल बनाने में हॉस्पिटल मैनेजर मनोज गोविल, सीनियर मैनेजर कमल कांत काला, अमन कुमार और काजल रावत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
14 नवंबर से उत्तरा केयर हॉस्पिटल में शुरू होगी विशेष OPDकार्यक्रम के दौरान शौर्य रिहैबिलिटेशन सेंटर की निदेशक श्रीमती पूजा डंडरियाल ने बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि 14 नवंबर 2026 से प्रत्येक माह के दूसरे शनिवार को उत्तरा केयर हॉस्पिटल, पौड़ी में दिव्यांग बच्चों एवं विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों के लिए विशेष OPD का संचालन किया जाएगा। इस विशेष OPD के माध्यम से बच्चों की स्क्रीनिंग, विकासात्मक समस्याओं का आकलन, स्पीच थेरेपी, ऑटिज्म व व्यवहार संबंधी मार्गदर्शन और अभिभावक परामर्श जैसी सेवाएं सुलभ होंगी।
दिव्यांगता के 21 प्रकारों और प्रारंभिक पहचान पर जोरकार्यक्रम में वक्ताओं ने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत मान्यता प्राप्त 21 प्रकार की दिव्यांगताओं के साथ-साथ बौद्धिक एवं विकासात्मक दिव्यांगता, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD), सीखने में कठिनाई, ADHD और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। विशेषज्ञों ने अभिभावकों को बच्चों की क्षमताओं को समझने और समय रहते उचित चिकित्सीय सलाह लेने के लिए प्रेरित किया।साथ ही, जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी अरविंद कुमार ने दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, UDID कार्ड, पेंशन, छात्रवृत्ति और दिव्यांगजनों के कानूनी अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी।