सत्य की गूंज, ब्यूरो
उत्तरकाशी । बुधवार को कलक्ट्रेट कार्यालय में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की अध्यक्षता में खाद्य संरक्षा विभाग तथा संभागीय परिवहन विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने दोनों विभागों के अधिकारियों से अब तक की गई कार्रवाई का ब्यौरा लिया और जनहित से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता व सख्ती के साथ काम करने के कड़े निर्देश दिए।
बैठक में सहायक आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान अब तक कुल 34 विधिक और 7 सर्विलांस नमूने एकत्रित किए गए हैं। इनमें दूध, तेल, पनीर, दाल, कोल्ड ड्रिंक, चायपत्ती, मसाले, मिठाई, बेसन और सूजी जैसे तमाम खाद्य पदार्थ शामिल हैं। कुछ नमूनों की जांच रिपोर्ट आना अभी शेष है। बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे प्रतिष्ठानों के खिलाफ भी वाद दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।कांवड़ यात्रा को लेकर विशेष सतर्कता के निर्देशजिलाधिकारी ने विशेष रूप से पनीर, दूध, मिठाई और अन्य शीघ्र खराब होने वाली खाद्य सामग्रियों की गुणवत्ता पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में चल रही कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत कांवड़ मार्ग पर लगने वाले भंडारों और होटल प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण अभियान चलाया जाए। यदि खाद्य पदार्थों में किसी भी स्तर पर मिलावट या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित के खिलाफ तुरंत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) ने वाहन पंजीकरण, फिटनेस, डीएल, और सड़क सुरक्षा अभियानों की प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि ओवरस्पीडिंग और ओवरलोडिंग के खिलाफ नियमित रूप से चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं।
इस दौरान जिलाधिकारी ने सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को ‘गोल्डन ऑवर’ के दौरान बिना किसी प्रशासनिक या वित्तीय रुकावट के तत्काल कैशलेस इलाज मुहैया कराने पर जोर दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री राहत योजना (PM Relief Scheme) के तहत पात्र लाभार्थियों और घायल व्यक्तियों को समयबद्ध और पूरी पारदर्शिता के साथ सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक के दौरान एआरटीओ सुवर्णा नौटियाल, सुरेंद्र कुमार और सहायक आयुक्त खाद्य संरक्षा अश्वनी कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।