विजय बहुगुणा
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। राजधानी देहरादून स्थित बद्रीश कॉलोनी में आयोजित मासिक बैठक इस बार केवल एक औपचारिक बैठक तक सीमित नहीं रही,बल्कि सामाजिक सरोकारों,साहित्यिक चेतना,सांस्कृतिक समरसता और सामूहिक विकास के संकल्प का प्रेरणादायी मंच बन गई। बैठक में कॉलोनी के सम्मानित नागरिकों,बुद्धिजीवियों एवं गणमान्य लोगों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष ऊंचाई प्रदान की। बैठक के दौरान कॉलोनी समिति के अध्यक्ष एवं गौरव सेनानी चित्रपाल सजवाण के एक वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा हुई। उपस्थित सदस्यों ने एक स्वर में उनके नेतृत्व,कार्यशैली,नीति-रीति और जनहितकारी सोच की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए उनके कार्यकाल को अभूतपूर्व और अनुकरणीय बताया। वक्ताओं ने कहा कि श्री सजवाण ने कॉलोनी में विकास,अनुशासन,सौहार्द और सामाजिक समन्वय को नई दिशा प्रदान की है। बैठक में कॉलोनीवासियों की सुरक्षा और जनसुविधाओं को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। इस दौरान विधान रावत के प्रयासों का विशेष उल्लेख किया गया। उपस्थित सदस्यों ने उनकी अनुपस्थिति में भी उनके योगदान का साधुवाद करते हुए कहा कि उन्होंने नागरिक सुरक्षा और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। समिति के सचिव ने पिछले एक वर्ष के कार्यकाल की विस्तृत उपलब्धियों का ब्यौरा प्रस्तुत करते हुए कॉलोनी में कराए गए विकास कार्यों,सामाजिक गतिविधियों,स्वच्छता अभियानों तथा जनसहयोग से संचालित पहलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समिति का उद्देश्य केवल भौतिक विकास नहीं,बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना को भी सशक्त करना है। समिति के उपाध्यक्ष के.पी.उनियाल ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए आपसी सहयोग,सहभागिता और सामूहिक सोच अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब समाज एकजुट होकर कार्य करता है,तभी समस्याओं का स्थायी समाधान संभव हो पाता है। बैठक का सबसे आकर्षक और गरिमामयी क्षण वह रहा,जब साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को प्राथमिकता देने के संकल्प के साथ सुविख्यात पर्यटनविज्ञानी एवं संयुक्त राष्ट्र संघ से संबद्ध सहस्त्राब्दी सम्मान से अलंकृत मुख्य अतिथि डॉ.शंकर काला तथा समिति अध्यक्ष चित्रपाल सजवाण ने वरिष्ठ साहित्यकार डॉ.शक्ति प्रसाद सेमवाल द्वारा लिखित महत्वपूर्ण कृति केदारखंड दर्शन का भव्य विमोचन किया। इस अवसर पर उपस्थित विद्वतजनों ने पुस्तक को उत्तराखंड की धार्मिक,आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत दस्तावेज बताया। मुख्य अतिथि डॉ.शंकर काला एवं सेक्शन ऑफिसर बलदेव भंडारी ने डॉ.शक्ति प्रसाद सेमवाल को स्मृति चिन्ह एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया। सम्मान से अभिभूत डॉ.सेमवाल ने पुस्तक की विषयवस्तु पर प्रकाश डालते हुए कहा कि केदारखंड दर्शन केवल एक पुस्तक नहीं,बल्कि उत्तराखंड की लोकआस्था,परंपराओं,तीर्थ संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का दर्पण है। उन्होंने कॉलोनीवासियों के लिए पुस्तक खरीद पर विशेष छूट देने की घोषणा भी की। कार्यक्रम में उपस्थित विद्वान एवं गणमान्य नागरिकों ने सामूहिक रूप से डॉ.सेमवाल के साहित्यिक योगदान की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। कार्यक्रम में देवेंद्र पंवार,कैलाश कोठियाल,कैलाश जोशी,मीनू सुंदरियाल,रेखा गोदियाल,बिमला रावत,गुलाब सिंह नेगी,जे.पी.जुयाल,बृजमोहन भट्ट,आनंद सिंह रावत,सुदर्शन कुंवर,उपेंद्र कुकरेती,वीरेंद्र रौतेला,यशपाल सजवाण,दिनेश कोठारी एवं जनार्दन प्रसाद गोदियाल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सामाजिक एकता,सांस्कृतिक संरक्षण और क्षेत्रीय विकास के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। बद्रीश कॉलोनी की यह बैठक न केवल एक प्रशासनिक आयोजन रही,बल्कि समाज में साहित्य,संस्कृति और सामाजिक चेतना को नई ऊर्जा देने वाला प्रेरक आयोजन बनकर उभरी।