विजय बहुगुणा /सत्य की गूंज ब्यूरो
श्रीनगर गढ़वाल। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली राजकीय मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर में उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड राज्य शाखा के 29वें वार्षिक आईएपीएसएम सम्मेलन (IAPSMUPUKCON-2026) के शुभारंभ से ठीक पूर्व गुरुवार को एक दिवसीय प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से पहुँचे चिकित्सा विशेषज्ञों ने शिरकत की, जहाँ 100 पीजी चिकित्सकों को रिसर्च की नई तकनीकों (जैसे क्वालिटेटिव एनालिसिस, मेटा-एनालिसिस और बायोमेडिकल रिसर्च में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
इस वर्कशॉप में देश के नामी संस्थानों से आए विषय विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन किया, जिनमें एम्स नागपुर से प्रोफेसर डॉ. प्रदीप देशमुख व प्रोफेसर योगेश बहुरूपिया, एम्स रायबरेली से प्रोफेसर भोलानाथ, रिम्स रांची से प्रोफेसर अनित कुजुर, पुडुचेरी मेडिकल कॉलेज से प्रोफेसर अमोल डोंगरे और ईएसआई रांची से प्रोफेसर रतनेश सिन्हा प्रमुख रूप से शामिल रहे।शुक्रवार को मंत्रियों की मौजूदगी में होगा मुख्य सम्मेलन का शुभारंभ और लोकार्पणसम्मेलन का औपचारिक मुख्य शुभारंभ शुक्रवार को दोपहर 12:00 बजे प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल तथा शिक्षा एवं सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत द्वारा किया जाएगा।उद्घाटन सत्र के उपरांत दोपहर 1:00 बजे के बाद बेस चिकित्सालय परिसर में करोड़ों की लागत से तैयार विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया जाएगा:लोकार्पण: बेस अस्पताल कैंपस में 245.54 लाख रुपये की लागत से निर्मित 15-सीटर ट्रांजिट हॉस्टल तथा 150 लाख रुपये की लागत से स्थापित स्किल लैब उपकरणों व मैनिकिन का लोकार्पण।शिलान्यास: मेडिकल कॉलेज कैंपस में 947.85 लाख रुपये की लागत से बनने वाले 8 टाइप-5 क्वार्टर का शिलान्यास, जो मंत्रियों एवं स्थानीय विधायक की कर-कमलों द्वारा संपन्न होगा।राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी क्षेत्र की पहचानचिकित्सा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत ने कहा कि यह राष्ट्रीय सम्मेलन जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में नए शोध और समाधान तलाशने में मील का पत्थर साबित होगा।सम्मेलन की आयोजन अध्यक्ष डॉ. जानकी बर्त्वाल एवं आयोजन सचिव डॉ. सुरेंद्र सिंह ने देश भर से पधारे प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि इस आयोजन से मिलने वाले निष्कर्ष जनस्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाएंगे। इस दौरान चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ए.एन. पांडेय, डॉ. भोलानाथ, डॉ. सत्येंद्र यादव सहित तमाम फैकल्टी सदस्य मौजूद रहे।