अजय, सत्य की गूंज
देहरादून(ब्यूरो)। उत्तराखंड में वन भूमि हस्तांतरण (Forest Land Transfer) के मामलों में अटकी सड़कों के निर्माण कार्यों को गति देने के लिए प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज पूरी तरह सख्त नजर आ रहे हैं। सोमवार को यमुना कॉलोनी स्थित लोनिवि सभागार में लोक निर्माण विभाग और वन विभाग के उच्च अधिकारियों की एक संयुक्त उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री सतपाल महाराज ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित सड़कों के सभी मामलों का समयबद्ध (ससमय) और प्राथमिकता से निस्तारण किया जाए।
बैठक के दौरान मीडिया और अधिकारियों से बात करते हुए मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न वृत्तों में कई सड़कों को सैद्धांतिक स्वीकृति तो मिल चुकी है, लेकिन वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण उनकी विधिवत स्वीकृति (Formal Approval) अभी तक नहीं मिल पाई है। जनता को सुगम यातायात की सुविधा समय पर मिले, इसके लिए लोनिवि और वन विभाग के अधिकारियों को आपसी सामंजस्य बिठाकर तमाम बाधाओं को तुरंत दूर करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।प्रदेशभर में कुल 1141 प्रकरण लंबितलोनिवि मंत्री ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि राज्य के सभी 12 जनपदों (अल्मोड़ा, बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत, उधम सिंह नगर, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, देहरादून और पौड़ी) के विभिन्न वृत्तों में वन भूमि हस्तांतरण के कारण बड़ी संख्या में फाइलें अटकी हुई हैं।
347 प्रकरणपोर्टल पर अपलोड हेतु लंबित मामले सहित कुल 1141 प्रकरण वर्तमान में लंबित चल रहे हैं।मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि अधिकारी समन्वय बनाकर इन सभी मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें, ताकि जनता को विकास कार्यों का सीधा लाभ मिल सके।
इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में शासन और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं: पंकज पांडे (सचिव, लोक निर्माण विभाग) राजेश शर्मा (प्रमुख अभियंता, लोनिवि) दयानंद एवं राजेन्द्र स्याना (मुख्य अभियंता)श्रीमती कल्याणी (अपर सचिव, वन एवं पर्यावरण विभाग)श्रीमती मीनाक्षी जोशी (नोडल अधिकारी)इसके अलावा सीमा सड़क संगठन (BRO) के अधिकारी भी बैठक में विशेष रूप से मौजूद रहे।