विजय बहुगुणा, सत्य की गूंज
श्रीनगर गढ़वाल(ब्यूरो) । हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के डॉ. अम्बेडकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (निःशुल्क सिविल सेवा कोचिंग योजना) के तत्वावधान में “आधुनिकीकरण एवं भारत में राजनीतिक परिवर्तन” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया [cite: हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के डॉ. अम्बेडकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस एवं (निःशुल्क सिविल सेवा कोचिंग योजना) के तत्वावधान में आज एक विशेषज्ञ व्याख्यान कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
...“आधुनिकीकरण एवं भारत में राजनीतिक परिवर्तन” विषय पर…]। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), नई दिल्ली के प्रतिष्ठित प्राध्यापक प्रो. फूल बदन उपस्थित रहे, जिन्होंने सिविल सेवा की तैयारी कर रहे युवाओं का मार्गदर्शन किया।
अभ्यर्थियों के लिए समसामयिक विषयों का विश्लेषण जरूरी: प्रो. एम.एम. सेमवाल कार्यक्रम का शुभारम्भ केंद्र के समन्वयक प्रो. एम. एम. सेमवाल द्वारा मुख्य अतिथि एवं प्रतिभागियों के स्वागत के साथ हुआ। उन्होंने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि भारत इस समय तीव्र सामाजिक, आर्थिक और तकनीकी परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है [cite: अपने स्वागत उद्बोधन में केन्द्र के समन्वयक प्रो. एम. एम. सेमवाल ने कहा कि भारत तीव्र सामाजिक, आर्थिक एवं तकनीकी परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है।]। ऐसे समय में भावी सिविल सेवकों के लिए आधुनिकीकरण और राजनीतिक परिवर्तन की प्रक्रियाओं को समझना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि केंद्र का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन प्रदान करते हुए उनमें समसामयिक विषयों के प्रति एक विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण (Analytical Approach) विकसित करना है [cite: उन्होंने कहा कि डॉ. अम्बेडकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन प्रदान करते हुए उनमें समसामयिक विषयों के प्रति विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण विकसित करना है।]।
💡 व्याख्यान के मुख्य बिंदु: समाज में सकारात्मक बदलाव के वाहक हैं सिविल सेवकमुख्य वक्ता जेएनयू के प्रो. फूल बदन ने अपने विचारोत्तेजक व्याख्यान में भारतीय समाज और राजनीति पर आधुनिकीकरण के प्रभावों को गहराई से रेखांकित किया [cite: उन्होंने “आधुनिकीकरण एवं भारत में राजनीतिक परिवर्तन” विषय पर विस्तृत एवं विचारोत्तेजक व्याख्यान प्रस्तुत किया। अपने वक्तव्य में उन्होंने भारतीय समाज एवं राजनीति पर आधुनिकीकरण के प्रभाव…]
: प्रो. फूल बदन ने कहा कि आधुनिकीकरण केवल तकनीकी प्रगति या गैजेट्स तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक संरचनाओं, राजनीतिक संस्थाओं, प्रशासनिक प्रक्रियाओं तथा नागरिक चेतना में व्यापक बदलाव का असली वाहक है [cite: मुख्य वक्ता प्रो. फूल बदन ने अपने व्याख्यान में कहा कि आधुनिकीकरण केवल तकनीकी प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक संरचनाओं, राजनीतिक संस्थाओं, प्रशासनिक प्रक्रियाओं तथा नागरिक चेतना में व्यापक परिवर्तन का वाहक है।]. भारत में राजनीतिक परिवर्तन की प्रक्रिया लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक न्याय, समावेशी विकास और सक्रिय नागरिक सहभागिता से गहराई से जुड़ी हुई है [cite: उन्होंने बताया कि भारत में राजनीतिक परिवर्तन की प्रक्रिया लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक न्याय, समावेशी विकास तथा नागरिक सहभागिता से गहराई से जुड़ी हुई है।].सिर्फ परीक्षा नहीं, जागरूक नागरिक बनें: उन्होंने अभ्यर्थियों को सलाह दी कि वे इन सामाजिक व राजनीतिक बदलावों का अध्ययन केवल परीक्षा पास करने की दृष्टि से न करें, बल्कि एक जागरूक नागरिक और भावी प्रशासक के रूप में भी करें [cite: प्रो. फूल बदन ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे राजनीतिक एवं सामाजिक परिवर्तनों का अध्ययन केवल परीक्षा की दृष्टि से नहीं, बल्कि एक जागरूक नागरिक और भावी प्रशासक के रूप में भी करें।]. उन्होंने याद दिलाया कि सिविल सेवकों की भूमिका केवल सरकारी नीतियों के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं होती, बल्कि वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन के अग्रदूत होते हैं [cite: उन्होंने कहा कि सिविल सेवकों की भूमिका नीतियों के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं होती, बल्कि वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन के महत्वपूर्ण वाहक भी होते हैं।].
संवादात्मक सत्र में छात्रों की जिज्ञासाओं का हुआ समाधानव्याख्यान के बाद एक संवादात्मक सत्र (Interactive Session) का आयोजन हुआ, जिसमें उपस्थित शोधार्थियों और सिविल सेवा अभ्यर्थियों ने मुख्य वक्ता से कई ज्ञानवर्धक प्रश्न पूछे, जिनका प्रो. फूल बदन ने विस्तार से उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया [cite: कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने भी सक्रिय सहभागिता करते हुए विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका मुख्य वक्ता द्वारा विस्तारपूर्वक उत्तर दिया गया। यह संवादात्मक सत्र विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक रहा।].इन गणमान्य जनों की रही उपस्थितिकार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. प्रकाश सिंह द्वारा किया गया. समापन पर डॉ. आशीष बहुगुणा ने मुख्य वक्ता, अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया [cite:
कार्यक्रम के समापन अवसर पर डॉ. आशीष बहुगुणा ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए मुख्य वक्ता, अतिथियों एवं सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।].
इस अवसर पर डॉ. अरविंद सिंह रावत, डॉ. वीर सिंह, डॉ. मुकेश सहाय, डॉ. शैलेंद्र चमोला सहित केंद्र के अन्य सदस्य, शोधार्थी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे [cite: इस अवसर पर डॉ. अरविंद सिंह रावत, डॉ. वीर सिंह, डॉ. मुकेश सहाय,डा शैलेन्द्र चमोला सहित केंद्र के अन्य सदस्य, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।].