"भावी डॉक्टरों को सेवा का मंत्र: मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में एमबीबीएस इंटर्नशिप ओरिएंटेशन का सफल आयोजन।"
विजय बहुगुणा, सत्य की गूंज
श्रीनगर गढ़वाल(ब्यूरो) । राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के हेमवती नंदन बहुगुणा बेस चिकित्सालय में एमबीबीएस कोर्स पूरा करने वाले नए प्रशिक्षुओं के लिए एक दिवसीय ‘इंटर्नशिप ओरिएंटेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा डॉक्टरों को किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर व्यावहारिक चिकित्सा और मरीजों के प्रति उनकी नैतिक जिम्मेदारियों से रूबरू कराना रहा।
ओरिएंटेशन के दौरान विशेषज्ञों ने जोर दिया कि इंटर्नशिप केवल डिग्री का हिस्सा नहीं है, बल्कि एक चिकित्सक के वास्तविक करियर की नींव है। यहाँ से शुरू होने वाला एक वर्ष का प्रशिक्षण ही तय करेगा कि भविष्य में वे कितने कुशल डॉक्टर बनेंगे।
प्रशिक्षु चिकित्सकों को संबोधित करते हुए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने कहा:
”इंटर्नशिप वह माध्यम है जो आपके करियर को दिशा देता है। यह समय अपने कौशल को निखारने का सबसे महत्वपूर्ण अवसर है। एक डॉक्टर के रूप में संवेदनशीलता, धैर्य और जिम्मेदारी आपके सबसे बड़े गुण होने चाहिए।”
उन्होंने रोटेशन आधारित इंटर्नशिप के महत्व को समझाते हुए बताया कि विभिन्न विभागों में कार्य करने से प्रशिक्षु चिकित्सा के हर क्षेत्र में दक्ष बनेंगे और वास्तविक चुनौतियों का सामना करना सीखेंगे।
प्राचार्य ने कहा कि श्रीनगर मेडिकल कॉलेज का नाम आज प्रदेश में जो सम्मान से लिया जाता है, उसमें यहाँ के छात्रों का बड़ा योगदान है। उन्होंने सभी इंटर्न को बधाई देते हुए संकल्प दिलाया कि वे सेवा भाव के साथ कार्य करें, क्योंकि मरीजों के हित में किया गया कार्य ही एक डॉक्टर की असली पहचान बनाता है।
कार्यशाला के संयोजक डॉ. सुरेंद्र सिंह नेगी सहित अन्य फैकल्टी सदस्यों ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने इंटर्नशिप के दौरान आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों और उनसे निपटने के तरीकों पर प्रकाश डाला। विशेषज्ञों ने प्रशिक्षुओं को ‘मरीज केंद्रित’ चिकित्सा (Patient-centric care) के लिए प्रोत्साहित किया।