सत्य की गूंज, ब्यूरो
हरिद्वार। आगामी कांवड़ यात्रा और कुम्भ की तैयारियों के बीच हरिद्वार जिला प्रशासन सड़क सुरक्षा मानकों को लेकर बेहद सख्त हो गया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशों के अनुपालन में और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा के नेतृत्व में जनपद हरिद्वार में लक्ज़री बसों के विरुद्ध एक विशेष और सघन प्रवर्तन अभियान चलाया गया। परिवहन विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से नियम विरुद्ध दौड़ने वाले बस संचालकों में हड़कंप मच गया।
परमिट से लेकर फिटनेस तक की हुई गहन जांचविशेष चेकिंग अभियान के दौरान परिवहन कर अधिकारी मुकेश भारती, इंटरसेप्टर प्रभारी वरुणा सैनी, संभागीय निरीक्षक आनंद वर्धन और परिवहन विभाग की पूरी प्रवर्तन टीम ने जिले के विभिन्न संवेदनशील हाईवे और चौराहों पर मोर्चा संभाला।
टीम द्वारा लक्ज़री बसों के परमिट, फिटनेस प्रमाणपत्र, इंश्योरेंस, टैक्स अदायगी और चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस सहित सभी आवश्यक दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई। जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं और कमियां पाए जाने पर 15 लक्ज़री बसों के चालान किए गए। इसके अलावा, नियमों का गंभीर उल्लंघन करने पर 2 बसों को मौके पर ही सीज़ कर दिया गया, जबकि तकनीकी एवं सुरक्षा मानकों पर खरी न उतरने वाली 4 बसों की फिटनेस निरस्त करने की संस्तुति उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।काश्यप धर्मशाला क्षेत्र में अवैध ठहराव पर पूर्ण प्रतिबंधप्रवर्तन टीम ने विशेष रूप से शहर के व्यस्ततम काश्यप धर्मशाला क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी। अमूमन इस क्षेत्र में बसें अवैध रूप से रुककर सवारियां चढ़ाती और उतारती थीं, जिससे लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता था। परिवहन विभाग ने इस क्षेत्र को पूरी तरह क्लियर कराते हुए किसी भी बस को यहाँ रुकने नहीं दिया और सख्त हिदायत दी कि बसों का संचालन केवल उनके निर्धारित स्टेशन और स्टॉपेज से ही किया जाए।एक दिन में रिकॉर्ड 60 चालान, आगे भी जारी रहेगी कार्रवाईसहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि आज के इस विशेष अभियान के दौरान परिवहन विभाग द्वारा अलग-अलग कमियों में कुल 60 चालान किए गए हैं, जिसमें 15 लक्ज़री बसें भी शामिल हैं।
विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि यात्रियों की सुरक्षा, सुगम यातायात और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत आगे भी इसी तरह की कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। परिवहन विभाग ने सभी बस मालिकों से अपने कागजात दुरुस्त रखने की अपील की है।