विजय बहुगुणा, सत्य की गूंज
पौड़ी गढ़वाल(ब्यूरो)। पर्वतीय और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से उत्तरा केयर हॉस्पिटल (आईएसएसए फाउंडेशन की एक इकाई) ने एक सराहनीय जनस्वास्थ्य अभियान शुरू किया है। “अब निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आपके दरवाज़े पर” थीम के तहत शुक्रवार को विकासखंड पौड़ी के ग्राम असनोली में एक दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर में स्थानीय ग्रामीणों ने भारी उत्साह दिखाते हुए अपनी जांचें कराईं और विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श लिया।
शिविर के दौरान मेडिकल टीम द्वारा मरीजों का रक्तचाप (BP), रक्त शर्करा (RBS), ऑक्सीजन स्तर (SpO₂), नाड़ी (Pulse) और वजन सहित सभी आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण किए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर चिकित्सकों ने प्रत्येक मरीज की काउंसलिंग की और उन्हें आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाइयां भी वितरित कीं। इस शिविर में कुल 24 लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का सीधा लाभ उठाया। उपचार के साथ-साथ ग्रामीणों को संतुलित आहार, मौसमी बीमारियों से बचाव और स्वच्छ जीवन।बीमारियों की समय पर पहचान है
शिविर में सेवाएं दे रहे डॉ. विवेक रमोला ने ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति सचेत करते हुए कहा:”समय पर स्वास्थ्य जांच कराने से कई गंभीर बीमारियों का पता प्रारंभिक अवस्था में ही चल जाता है, जिससे उनका इलाज बेहद प्रभावी और आसान हो जाता है। किसी भी बीमारी के लक्षण दिखने पर लापरवाही न बरतें और तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
उत्तरा केयर हॉस्पिटल के निदेशक आई.एस. नेगी एवं मेडिकल सुपरिटेंडेंट जे.पी. चमोली ने इस अभियान के बारे में साझा करते हुए कहा कि अस्पताल का उद्देश्य केवल चारदीवारी के भीतर रहकर इलाज करना नहीं है। अस्पताल प्रबंधन का संकल्प दूरस्थ गांवों के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। इसी सोच के साथ यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है ताकि ग्रामीणों को घर के पास ही बेहतर चिकित्सा मिल सके।
शिविर को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने में डॉ. विवेक रमोला के साथ कैंप कोऑर्डिनेटर अमन कुमार, नर्सिंग अधिकारी शैलबाला, फार्मासिस्ट गौरव तथा सपोर्ट स्टाफ अरविंद एवं दीपक की भूमिका बेहद सराहनीय रही। टीम ने पंजीकरण से लेकर दवा वितरण तक की सभी व्यवस्थाओं को बेहद सुगम बनाया।ग्रामवासियों ने जताया आभारशिविर के समापन पर असनोली के ग्रामवासियों ने उत्तरा केयर हॉस्पिटल और आईएसएसए फाउंडेशन के इस जनहितकारी कदम की मुक्तकंठ से सराहना की। ग्रामीणों ने कहा कि पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों के बुजुर्गों व मरीजों के लिए ऐसे शिविर किसी वरदान से कम नहीं हैं। उन्होंने भविष्य में भी गांव में ऐसे शिविरों के नियमित आयोजन की मांग की है।