सत्य की गूंज
हल्द्वानी (नैनीताल)। कुमाऊं आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने शनिवार को काठगोदाम स्थित अपने कैंप कार्यालय में आयोजित ‘जनता मिलन’ कार्यक्रम के दौरान जनसमस्याओं को लेकर कड़ा रुख अपनाया। भूमि विवाद, नजूल भूमि पर अवैध कब्जे, सड़क निर्माण में देरी, पेयजल और बिजली से जुड़ी कई गंभीर शिकायतों का मौके पर संज्ञान लेते हुए कमिश्नर ने लापरवाह अधिकारियों को सीधे तौर पर आड़े हाथों लिया और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए [cite: भूमि विवाद, नजूल भूमि, सड़क निर्माण, भू-अभिलेख त्रुटि, पेयजल एवं विद्युत जैसी जनसमस्याओं का मौके पर समाधान करते हुए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।]।
जनता मिलन के दौरान भूमि के कुर्रे (फाट/बंटवारे) के मामलों में लंबे समय से पटवारी और लेखपाल स्तर पर की जा रही देरी पर आयुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई [cite: जनता मिलन के दौरान भूमि के कुर्रे (फाट) के मामलों में लंबे समय से कार्रवाई न होने पर आयुक्त ने नाराजगी जताई।]।
हल्द्वानी निवासी ईश्वरी दत्त ने शिकायत दर्ज कराई कि उपजिलाधिकारी (SDM) कार्यालय से उनके चार भाइयों के बीच भूमि बंटवारे के आदेश करीब 9 महीने पहले ही जारी हो चुके हैं, लेकिन निचले स्तर के कर्मचारी इस पर कुंडली मारकर बैठे हैं [cite: हल्द्वानी निवासी ईश्वरी दत्त ने शिकायत की कि उनके पिता के निधन के बाद चार भाइयों के बीच भूमि बंटवारे के आदेश उपजिलाधिकारी कार्यालय से लगभग नौ माह पूर्व जारी हो चुके हैं, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई।]।
आयुक्त दीपक रावत ने मौके पर ही एसडीएम हल्द्वानी को तलब किया और लंबित मामलों को तत्काल निपटाने को कहा। उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी कि यदि लापरवाही पाई गई तो संबंधित लेखपालों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी [cite: और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। …यह गंभीर मामला है और ऐसे मामलों में विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।]।SC/ST की कृषि भूमि सीधे खरीदना गैर-कानूनी: कमिश्नरबैलपड़ाव निवासी उमा देवी ने शिकायत की कि उनकी भूमि को किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया और उस पर अवैध निर्माण भी करा दिया गया। इस पर कमिश्नर ने कानूनी पहलू स्पष्ट करते हुए कहा कि अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) की कृषि भूमि सामान्य या ओबीसी वर्ग के लोग सीधे तौर पर नहीं खरीद सकते [cite: इस पर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की कृषि भूमि सामान्य अथवा अन्य पिछड़ा वर्ग के लोग सीधे तौर पर नहीं खरीद सकते।]। इसके लिए जिलाधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है, ऐसा न होने पर की गई रजिस्ट्री या इकरारनामा स्वतः निरस्त माना जाएगा। उन्होंने एसडीएम रामनगर को इस मामले की पूरी आख्या (जांच रिपोर्ट) प्रस्तुत करने के आदेश दिए।
नजूल भूमि पर लगेंगे चेतावनी बोर्ड— “खरीद-फरोख्त करना दंडनीय अपराध”रामनगर निवासी नितिन ढोमणे ने शिकायत की कि उनसे धोखाधड़ी कर नजूल (सरकारी) भूमि बेच दी गई, उन्होंने अपनी रकम और भूखंड वापस दिलाने की गुहार लगाई [cite: इस दौरान रामनगर निवासी नितिन ढोमणे ने शिकायत दर्ज कराई कि उन्होंने धोखाधड़ी से नजूल भूमि खरीद ली थी और अपनी धनराशि व भूखंड वापस दिलाने की मांग की।]। मामले की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर ने संबंधित विक्रेता को निर्देश दिए कि वे शिकायतकर्ता की धनराशि तुरंत वापस करें या तत्काल चेक उपलब्ध कराएं।इसके साथ ही उन्होंने भविष्य में ऐसी धोखाधड़ी को रोकने के लिए पटवारियों को कड़ा आदेश दिया:”नजूल भूमि के प्रमुख स्थानों पर तत्काल सूचना पट्ट (साइन बोर्ड) लगाए जाएं, जिन पर स्पष्ट लिखा हो— ‘यह भूमि सरकार की निजी संपत्ति है। इसका क्रय-विक्रय दंडनीय अपराध है।’ ताकि आम जनता ठगी का शिकार न हो।” [cite: साथ ही संबंधित क्षेत्र के पटवारी को निर्देश दिए गए कि सभी नजूल भूमि पर प्रमुख स्थानों पर सूचना पट्ट लगाए जाएं, जिन पर स्पष्ट रूप से अंकित हो— “यह भूमि सरकार की निजी संपत्ति है। इसका क्रय-विक्रय दंडनीय अपराध है।”]
वीरभट्टी–छिड़ा मार्ग का विवाद सुलझाएं, वन विभाग से करें समन्वयवीरभट्टी–छिड़ा मार्ग निर्माण में हो रही देरी को लेकर ग्रामीणों ने शिकायत की कि बजट स्वीकृत होने के बावजूद वन विभाग की आपत्तियों (Forest Objections) के कारण काम रुका हुआ है [cite: वीरभट्टी–छिड़ा मार्ग निर्माण में देरी को लेकर ग्रामीणों ने जानकारी दी कि धनराशि स्वीकृत होने के बावजूद वन विभाग की आपत्तियों के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।]। कमिश्नर दीपक रावत ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि वे वन विभाग के अधिकारियों के साथ व्यक्तिगत रूप से समन्वय स्थापित कर सड़क निर्माण का कार्य जल्द से जल्द शुरू करवाएं ताकि जनता को राहत मिल सके [cite: आयुक्त ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वन विभाग से समन्वय कर शीघ्र सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाए।]।
कमिश्नर ने अंत में कहा कि जनहित और जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभागों को समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से काम करना होगा [cite: आयुक्त ने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी शिकायतों का समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।