विजय बहुगुणा, सत्य की गूंज
पौड़ी गढ़वाल(ब्यूरो)। जनपद पौड़ी गढ़वाल के लोगों के लिए उत्तरा केयर हॉस्पिटल स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ा लाइफ-सेवर (जीवन रक्षक) साबित हो रहा है [cite: ISSA Foundation द्वारा संचालित उत्तरा केयर हॉस्पिटल, पौड़ी में एक बार फिर विशेषज्ञ चिकित्सकों की तत्परता एवं आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के माध्यम से एक महिला की जान बचाने में सफलता प्राप्त हुई।]।
अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग (Obstetrics and Gynaecology) की वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. अनु भारती एवं उनकी टीम ने एक अत्यंत जटिल और जानलेवा स्थिति में अस्पताल पहुंची महिला का सफलतापूर्वक आपातकालीन ऑपरेशन कर उसे नया जीवन प्रदान किया है [cite: अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग (OBGY) की वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. अनु भारती एवं उनकी टीम ने अत्यंत जटिल एवं जानलेवा स्थिति में भर्ती महिला का सफलतापूर्वक आपातकालीन ऑपरेशन कर नया जीवन प्रदान किया।]।
पेट के भीतर फैल चुका था खूनजानकारी के मुताबिक, मिलाई (पाबौ) निवासी श्रीमती पवित्रा रावत लगभग डेढ़ महीने की गर्भवती थीं [cite: जानकारी के अनुसार, मिलाई, पाबौ निवासी श्रीमती पवित्रा रावत लगभग डेढ़ माह की गर्भावस्था के दौरान…]। वे पिछले तीन दिनों से लगातार पेट के निचले हिस्से में असहनीय तेज दर्द और अत्यधिक रक्तस्राव (Bleeding) की शिकायत से जूझ रही थीं, जिसके बाद उन्हें उत्तरा केयर हॉस्पिटल लाया गया [cite: पिछले तीन दिनों से लगातार पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द एवं अत्यधिक रक्तस्राव की शिकायत के साथ उत्तरा केयर हॉस्पिटल पहुंचीं।]।
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने बिना देर किए मरीज की तत्काल गहन जांचें कीं। अल्ट्रासाउंड (USG) रिपोर्ट में एक बेहद खौफनाक बात सामने आई कि महिला को ‘रप्चर्ड एक्टोपिक प्रेग्नेंसी’ (Ruptured Ectopic Pregnancy) थी और उनके पेट के अंदर बहुत अधिक खून बह (Hemoperitoneum) चुका था [cite: अल्ट्रासाउंड जांच में यह पाया गया कि मरीज को रप्चर्ड एक्टोपिक प्रेग्नेंसी (Ruptured Ectopic Pregnancy) थी तथा पेट के अंदर अत्यधिक रक्तस्राव (Hemoperitoneum) हो चुका था।]। यह मेडिकल साइंस में एक ऐसी खतरनाक स्थिति होती है, जिसमें यदि चंद मिनटों की भी देरी हो जाए, तो आंतरिक रक्तस्राव के कारण मरीज की मौत हो सकती है [cite: यह स्थिति अत्यंत गंभीर एवं जानलेवा होती है, जिसमें कुछ ही समय की देरी मरीज के जीवन के लिए खतरा बन सकती है।]।
मरीज की बेहद नाजुक और गंभीर हालत को देखते हुए डॉ. अनु भारती और उनकी विशेषज्ञ टीम ने एक पल भी नहीं गंवाया [cite: मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉ. अनु भारती एवं उनकी विशेषज्ञ टीम ने बिना समय गंवाए…]। 23 जून 2026 को मरीज को स्पाइनल एनेस्थीसिया देकर आपातकालीन ‘लेफ्ट लैप्रोस्कोपिक सैल्पिंगेक्टॉमी’ (Emergency Left Laparoscopic Salpingectomy) यानी दूरबीन विधि से सफल सर्जरी की गई [cite: बिना समय गंवाए 23 जून 2026 को स्पाइनल एनेस्थीसिया के अंतर्गत आपातकालीन लेफ्ट लैप्रोस्कोपिक सैल्पिंगेक्टॉमी (Emergency Left Laparoscopic Salpingectomy) सफलतापूर्वक संपन्न की।]।
सर्जरी के बाद महिला को उच्च श्रेणी की जीवन रक्षक दवाएं, एंटीबायोटिक्स और बेहतरीन पोस्ट-ऑपरेटिव केयर दी गई [cite: ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा तथा उपचार के दौरान मरीज को आवश्यक दवाएं, एंटीबायोटिक एवं अन्य चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।]। डॉक्टरों की चौबीसों घंटे निगरानी का असर यह हुआ कि महिला की सेहत में चमत्कारी सुधार आया और बीते कल, 25 जून 2026 को उन्हें पूरी तरह स्वस्थ व स्थिर अवस्था में अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया [cite: लगातार चिकित्सकीय निगरानी एवं समुचित उपचार के पश्चात मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ और 25 जून 2026 को उन्हें पूर्णतः स्थिर अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।]।
आई.एस. नेगीइस बड़ी कामयाबी पर ISSA Foundation के निदेशक आई.एस. नेगी ने पूरी मेडिकल टीम की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा:”हमारी संस्था का एकमात्र उद्देश्य यही है कि उत्तराखंड के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के हर नागरिक को समय पर विश्वस्तरीय और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें [cite: इस अवसर पर ISSA Foundation के निदेशक श्री I. S. नेगी ने कहा कि संस्था का उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों के प्रत्येक नागरिक को समय पर विशेषज्ञ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।]। अस्पताल में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और वरिष्ठ डॉक्टरों की मौजूदगी के कारण अब हमारे पौड़ी जिले के लोगों को गंभीर से गंभीर इलाज के लिए ऋषिकेश, देहरादून या दिल्ली भागने की जरूरत नहीं पड़ रही है [cite: उन्होंने अस्पताल की पूरी मेडिकल टीम को सफल उपचार के लिए बधाई देते हुए कहा कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं एवं अनुभवी चिकित्सकों के सहयोग से अब जनपदवासियों को गंभीर उपचार के लिए बाहर जाने की आवश्यकता कम हो रही है।]।“अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट (MS) श्री जे.पी. चमोली ने बताया कि अस्पताल में 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं (Emergency Services) और वेंटिलेटर व आधुनिक ऑपरेशन थिएटर की मजबूत व्यवस्था है [cite: अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट (MS) श्री J. P. चमोली ने कहा कि उत्तरा केयर हॉस्पिटल में आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं, विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता एवं आधुनिक उपकरणों के माध्यम से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।]। आने वाले समय में यहां और भी कई ‘सुपर स्पेशियलिटी’ विभागों को शुरू किया जाएगा [cite: उन्होंने बताया कि अस्पताल में भविष्य में भी विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का विस्तार किया जाएगा ताकि जनपद के लोगों को एक ही स्थान पर उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सुविधा मिल सके।]।
वरिष्ठ गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. अनु भारती ने महिलाओं से की खास अपील:”गर्भावस्था के शुरुआती दिनों या नौ महीनों के दौरान यदि किसी भी महिला को पेट में तेज व असहनीय दर्द हो, अचानक चक्कर आएं, कमजोरी लगे या असामान्य ब्लीडिंग (रक्तस्राव) हो, तो उसे आम दर्द समझकर नजरअंदाज करने की भूल कतई न करें [cite: डॉ. अनु भारती ने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि गर्भावस्था के दौरान यदि पेट में असहनीय दर्द, चक्कर आना, अत्यधिक रक्तस्राव या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें तो उन्हें नजरअंदाज न करें।]। ये एक्टोपिक प्रेग्नेंसी के लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत किसी स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलें, क्योंकि समय पर लिया गया फैसला जान बचा सकता है।”