विजय बहुगुणा, सत्य की गूंज
पौड़ी गढ़वाल(ब्यूरो) । जनपद पौड़ी गढ़वाल में पारंपरिक कृषि के स्थान पर आधुनिक और नगदी फसलों को बढ़ावा देकर ग्रामीण आर्थिकी को मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन ने प्रयास तेज कर दिए हैं।
गुरुवार को जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने विकासखंड कोट के अंतर्गत कोट एवं देवल गांव का विस्तृत भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने पॉलीहाउस आधारित खेती, सब्जी उत्पादन तथा लिलियम पुष्प (Lily Flowers) उत्पादन गतिविधियों का स्थलीय निरीक्षण किया और महिला कृषकों व स्थानीय उत्पादकों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।
फूलों को सुरक्षित रखने के लिए बनेगा कोल्ड स्टोरेजकोट गांव में निरीक्षण के दौरान महिला किसानों ने जिलाधिकारी को बताया कि क्षेत्र में कोल्ड स्टोरेज (शीत गृह) की सुविधा न होने से उनके उत्पाद जल्दी खराब हो जाते हैं। यदि यह सुविधा मिल जाए तो वे फूलों को लंबे समय तक सुरक्षित रखकर बाजार में सही समय पर बेहतर दाम पर बेच सकेंगी।
इस पर जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी (BDO) को निर्देश दिए कि लिलियम पुष्पों के सुरक्षित भंडारण के लिए क्षेत्र में उपलब्ध किसी भी अनुपयोगी सरकारी भवन का चिन्हीकरण किया जाए, ताकि वहां कोल्ड स्टोरेज विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा सके।बाजार तक पहुंच सुगम बनाने के लिए मिलेगा ‘यूटिलिटी वाहन’परिवहन की सीमित सुविधाओं को देखते हुए किसानों ने समूह आधारित यूटिलिटी वाहन की मांग रखी, ताकि उत्पादों को स्थानीय बाजारों के साथ-साथ बड़े व्यापारिक केंद्रों तक समय पर पहुंचाया जा सके। इससे परिवहन लागत कम होगी और उत्पादों की गुणवत्ता भी बनी रहेगी। जिलाधिकारी ने इस मांग पर गंभीरता दिखाते हुए क्षेत्रीय कृषि एवं पुष्प उत्पादों के विपणन (Marketing) को सुदृढ़ बनाने के लिए किसानों के उपयोग हेतु यूटिलिटी वाहन उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर तत्काल प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
प्रमुख 10 कृषि उत्पादों की तैयार होगी ‘विशेष बुकलेट’देवल गांव में प्रगतिशील कृषक नरेश द्वारा संचालित पॉलीहाउस और आधुनिक लिलियम खेती की सराहना करते हुए जिलाधिकारी ने उद्यान एवं कृषि विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए:
उत्पादों की ब्रांडिंग: क्षेत्र के दस प्रमुख कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों की एक विस्तृत बुकलेट तैयार की जाए। इसमें उत्पादों की विशेषताएं, उत्पादन क्षमता, बाजार की संभावनाएं और ब्रांडिंग संबंधी पूरी जानकारी शामिल हो, ताकि स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार मिल सके।
वॉटर हार्वेस्टिंग टैंक: जल संरक्षण को कृषि का आधार बताते हुए जिलाधिकारी ने वाटर हार्वेस्टिंग टैंक निर्माण के प्रस्तावों को जिला योजना में शामिल करने के निर्देश दिए, ताकि वर्षा जल से वर्षभर सिंचाई की सुविधा मिल सके।महिला समूहों से मजबूत होगी
पहाड़ों की आर्थिकी: जिलाधिकारी देवल गांव में लिलियम उत्पादन से जुड़ी महिला कृषकों से संवाद करते हुए जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और महिला कृषकों को कृषि एवं उद्यानिकी की आधुनिक तकनीकों से जोड़कर ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने उद्यान विभाग को निर्देश दिए कि सब्जी, लहसुन, लिलियम तथा अन्य स्थानीय उत्पादों के लिए एक बेहतर विपणन तंत्र (Marketing System) विकसित किया जाए।निरीक्षण के दौरान ये रहे
इस अवसर पर जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी, बीडीओ अमित बिजल्वाण, नायब तहसीलदार झबर सिंह असवाल, सहायक कृषि अधिकारी अमित पंत, कानूनगो संजय सिंह नेगी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं भारी संख्या में स्थानीय प्रगतिशील कृषक उपस्थित रहे।
