विजय बहुगुणा, सत्य की गूंज
श्रीनगर गढ़वाल(ब्यूरो) । देवभूमि उत्तराखंड की पावन सांस्कृतिक विरासत को संजोए विकासखंड खिर्सू के अंतर्गत स्थित रमणीय ग्राम सरणा इन दिनों एक ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन की तैयारियों में जुटा हुआ है। मां भगवती गौरा देवी और आराध्य नागराजा देवता के आशीर्वाद से गांव में 15 जून से 23 जून तक श्रीमद् देवीभागवत महापुराण कथा एवं महायज्ञ का भव्य आयोजन होने जा रहा है। गौलक्षय और इन्द्र गवन की पवित्र तलहटी में बसे सरणा गांव की पुण्यभूमि पर आयोजित होने वाला यह महोत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं,बल्कि सनातन संस्कृति के संरक्षण, सामाजिक सद्भाव और लोक परंपराओं के संवर्धन का भी विराट अभियान है।
गांव के प्रत्येक परिवार,महिला मंगल दल,नवयुवक मंगल दल तथा प्रवासी ग्रामीणों के सहयोग से यह आयोजन जनआस्था का महापर्व बनता जा रहा है। आयोजन समिति के अनुसार संपूर्ण कार्यक्रम विद्वान आचार्य पंडितों और कर्मकांडी ब्राह्मणों के निर्देशन एवं देखरेख में संपन्न होगा। वैदिक मंत्रोच्चार,धार्मिक विधि-विधान और शास्त्रोक्त परंपराओं के अनुरूप यज्ञ,पूजन एवं कथा का आयोजन किया जाएगा। कथा व्यासपीठ पर विराजमान परम पूज्य आचार्य पंडित प्रमोद चमोली जी महाराज श्रद्धालुओं को श्रीमद् देवीभागवत के दिव्य प्रसंगों के माध्यम से धर्म,भक्ति,संस्कार,नारी शक्ति, मानव कल्याण एवं आध्यात्मिक चेतना का संदेश देंगे। कथा श्रवण से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ-साथ जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाली प्रेरणा प्राप्त होगी।
15 जून को भव्य कलश यात्रा के साथ महापुराण कथा का शुभारंभ होगा। पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित महिलाएं मंगल गीतों एवं देवी जयकारों के साथ गांव की गलियों को भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान करेंगी। प्रतिदिन प्रातःकाल पंचांग पूजन एवं वैदिक अनुष्ठान संपन्न होंगे तथा दोपहर में 2 से 6 बजे तक कथा प्रवचन का आयोजन किया जाएगा। कथा के दौरान देवी महिमा,धर्म रक्षा,सेवा,त्याग,करुणा और मानव मूल्यों पर विस्तृत प्रकाश डाला जाएगा। आयोजन की विशेषता यह रहेगी कि प्रतिदिन ग्रामवासियों के लिए सामूहिक भंडारे की व्यवस्था की गई है,प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे। सामूहिक भंडारा भारतीय संस्कृति की सेवा,समर्पण और समानता की भावना का जीवंत प्रतीक बनेगा। समापन दिवस 23 जून को दुर्गा अष्टमी एवं मां भगवती जयंती के पावन अवसर पर कथा का समापन विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के साथ होगा। इस दिन यज्ञ की पूर्णाहुति,विशेष पूजा-अर्चना तथा विशाल भंडारे एवं महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा,जिसमें क्षेत्रभर से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ग्रामवासियों का मानना है कि ऐसे आयोजन समाज को केवल धार्मिक रूप से ही नहीं,बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से भी मजबूत बनाते हैं। देवी भागवत कथा के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति,लोक परंपराओं,नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक जीवन से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास किया जा रहा है।
आयोजन समिति ने क्षेत्रवासियों,प्रवासियों,ध्याणियों तथा समस्त श्रद्धालुओं से सपरिवार उपस्थित होकर कथा श्रवण करने,मां भगवती गौरा देवी का आशीर्वाद प्राप्त करने तथा इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने में सहभागिता निभाने की अपील की है। सरणा गांव में आयोजित होने जा रहा यह श्रीमद् देवीभागवत महापुराण न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा,बल्कि सामाजिक एकता,सांस्कृतिक गौरव और आध्यात्मिक जागरण का भी प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा।
