विजय बहुगुणा, सत्य की गूंज
पौड़ी गढ़वाल(ब्यूरो) । मानसून सीजन की आहट और जारी चारधाम यात्रा के मद्देनजर गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप ने नगर निकायों की तैयारियों को परखना शुरू कर दिया है। बुधवार को मंडल मुख्यालय पौड़ी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में आयुक्त ने नगर निकायों और राजस्व विभाग के अधिकारियों को जलभराव रोकथाम, स्वच्छता और जनसुविधाओं को लेकर कई कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
आयुक्त ने साफ तौर पर कहा कि मानसून से पूर्व सभी नगर निकाय अपने-अपने क्षेत्रों में संभावित जलभराव (Waterlogging) वाले स्थानों को चिन्हित कर लें। आपात स्थिति से निपटने के लिए जल निकासी पंपों एवं अन्य आवश्यक उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
इलेक्ट्रिक ऑडिट: सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की विद्युत सुरक्षा के लिए हर साल अनिवार्य रूप से ‘इलेक्ट्रिक ऑडिट’ कराया जाए।
मुनिकीरेती में एलईडी डिस्प्ले: अपर जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल को मुनिकीरेती क्षेत्र में एलईडी डिस्प्ले लगाकर स्वच्छता संबंधी जनजागरुकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।स्वास्थ्य शिविर और साफ-सफाई पर विशेष जोरबरसात के मौसम में संक्रामक बीमारियों के खतरे को देखते हुए आयुक्त ने नगर निकाय मानसून से पहले स्वास्थ्य जागरुकता शिविर आयोजित करें।
बरसाती पानी की सुचारु निकासी के लिए सभी छोटे-बड़े नालों और नालियों की व्यापक सफाई समय रहते पूरी की जाए।सुलभ और सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई हो, स्ट्रीट लाइटें ठीक की जाएं और पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच व आकस्मिक निरीक्षण किया जाए। चारधाम यात्रा मार्ग पर लगेंगे साइन बोर्ड और कूड़ेदानचारधाम यात्रा को सुगम और स्वच्छ बनाने के लिए आयुक्त आनंद स्वरूप ने कहा कि यात्रा मार्ग व अन्य प्रमुख सड़कों से जुड़े नगर निकाय अपने क्षेत्रों के मुख्य स्थानों पर साइन बोर्ड और पर्याप्त संख्या में कूड़ेदान (Dustbins) स्थापित करें। उन्होंने निर्माणदायी संस्थाओं को टूटी हुई नालियों और क्षतिग्रस्त जल निकासी संरचनाओं की तत्काल मरम्मत करने को कहा, ताकि बारिश का पानी रिहायशी इलाकों में न घुसे। इसके साथ ही पार्किंग स्थलों की सफाई और सॉलिड वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण के भी निर्देश दिए गए।
इस वर्चुअल बैठक में अपर आयुक्त (प्रशासन) उत्तम सिंह चौहान, विभिन्न जिलों के अपर जिलाधिकारी, नगर निगमों के आयुक्त, नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी (EO) तथा संबंधित विभागों के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
