विजय बहुगुणा, सत्य की गूंज
पौड़ी गढ़वाल(ब्यूरो)। जनपद पौड़ी गढ़वाल के युवाओं के लिए भारतीय सेना में जाकर देश सेवा करने का सपना अब हकीकत में बदल चुका है। ISSA Foundation के अथक प्रयासों और सुनियोजित मार्गदर्शन की बदौलत जनपद के 28 युवाओं ने अग्निवीर भर्ती परीक्षा में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। संस्था द्वारा चलाए गए 6 महीने के कड़े आवासीय प्रशिक्षण का ही नतीजा है कि आज इन युवाओं के घरों में जश्न का माहौल है।
रांसी ग्राउंड में 6 महीने तक बहाया पसीना युवाओं को भारतीय सेना के काबिल बनाने के लिए ISSA Foundation द्वारा 18 जुलाई 2025 से 20 जनवरी 2026 तक पौड़ी के प्रसिद्ध रांसी ग्राउंड में एक विशेष अग्निवीर फिजिकल प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया गया था। इस आवासीय अभियान में जनपद के विभिन्न ब्लॉकों से आए 50 युवाओं ने भाग लिया, जिसमें से 28 युवाओं का अंतिम चयन 27 मई 2026 को घोषित परिणाम में हुआ है।
जूतों से लेकर ट्रैक सूट और ‘ड्राई फ्रूट्स’ तक सब कुछ मुफ्त संस्था ने युवाओं की तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ी। सभी प्रतिभागियों को ट्रैक सूट, जूते, टी-शर्ट, निक्कर और जुराबें पूरी तरह निःशुल्क दी गईं। युवाओं की शारीरिक क्षमता और सहनशक्ति बढ़ाने के लिए रोज सुबह-शाम काजू, बादाम, किशमिश, छुहारे, भीगे चने, केले और दूध जैसा विशेष पौष्टिक आहार नियमित रूप से दिया गया।
ज़ब कोटद्वार में भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई, तो फाउंडेशन ने युवाओं के लिए विशेष बस की व्यवस्था की और उन्हें खुद भर्ती मैदान तक पहुँचाया। यह पूरा महाअभियान ISSA Foundation के संस्थापक आई.एस. नेगी जी के कुशल मार्गदर्शन और युवाओं के प्रति उनके समर्पण का परिणाम है। जनपद स्तर पर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने और इसका सफल संचालन करने में श्री अमन कुमार ने मुख्य भूमिका निभाई। इस अभियान को सफल बनाने में आलोक रावत का भी विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
इनका योगदान भी रहा सराहनीयइस पूरी टीम भावना को मजबूत करने और युवाओं का हौसला बढ़ाने में संग्राम सिंह नेगी, मनोज बिष्ट, श्रीमती गंगोत्री नेगी, श्रीमती काजल रावत, धर्म सिंह, डी.एस. रावत और विशेष रूप से सतवीर सिंह जी का योगदान अत्यंत प्रेरणादायक रहा।”संस्था का उद्देश्य केवल युवाओं को भर्ती कराना भर नहीं है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर, अनुशासित और राष्ट्र निर्माण में सहभागी नागरिक बनाना है। भविष्य में भी युवाओं को सेना और अर्धसैनिक बलों के लिए तैयार करने का यह सिलसिला जारी रहेगा।”— ISSA Foundation
