“गिरफ्तार अभियुक्त जगत सिंह पुलिस अभिरक्षा में।”
विजय बहुगुणा, सत्य की गूंज
पौड़ी गढ़वाल(ब्यूरो) । जनपद में नशे के सौदागरों के खिलाफ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) सर्वेश पंवार के नेतृत्व में चलाया जा रहा “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान अब निर्णायक मोड़ पर है। लैंसडाउन पुलिस और सीआईयू (CIU) की संयुक्त टीम ने संगठित नशा तस्करी गैंग के एक और महत्वपूर्ण सदस्य को थलीसैण क्षेत्र से गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
बीती 12 मार्च 2026 को लैंसडाउन पुलिस ने चेकिंग के दौरान दो वाहनों से 89.81 किलोग्राम गांजा बरामद किया था। इस मामले में पुलिस ने पहले यशवंत सिंह और लव कुमार को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान पता चला कि यह केवल एक साधारण तस्करी नहीं, बल्कि एक संगठित गैंग है जो पूरे जिले में नशे की सप्लाई करता है।
इस संगठित अपराध की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस अब तक 6 आरोपियों को जेल भेज चुकी थी। इसी क्रम में, घटना के बाद से फरार चल रहे एक और अभियुक्त जगत सिंह (57 वर्ष) को पुलिस ने 25 मार्च 2026 को ग्राम मंगरो, थलीसैण से गिरफ्तार किया।
जगत सिंह मुख्य सप्लायरों को गांजा उपलब्ध कराने और पैसों के लेनदेन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था।
पुलिस ने अभियुक्त के पास से एक मोबाइल फोन (वीवो) और सिम कार्ड बरामद किया है, जिसकी जांच से तस्करी के नेटवर्क की अन्य कड़ियां भी खुल सकती हैं।
पुलिस ने इस मामले में कठोर रुख अपनाते हुए NDPS एक्ट के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111(2)(ii)(3)(4) के तहत ‘संगठित अपराध’ का मुकदमा दर्ज किया है। इसका उद्देश्य नशे की पूरी सप्लाई चेन (स्रोत से लेकर अंतिम विक्रेता तक) को ध्वस्त करना है।
इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में निम्नलिखित अधिकारी/कर्मचारी शामिल रहे:
पर्यवेक्षण: अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ठाकुर एवं क्षेत्राधिकारी श्रीमती निहारिका सेमवाल।
नेतृत्व: प्रभारी निरीक्षक लैंसडाउन रमेश तनवर एवं प्रभारी सीआईयू रणजीत तोमर।
गिरफ्तारी टीम: व.उ.नि. जयपाल सिंह चौहान, मुख्य आरक्षी संजय राम और मुख्य आरक्षी सतेन्द्र सिंह।
SSP पौड़ी का संदेश: “नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। हम न केवल नशा पकड़ रहे हैं, बल्कि उन स्रोतों तक भी पहुँच रहे हैं जहाँ से यह ज़हर देवभूमि में प्रवेश कर रहा है।”