विजय बहुगुणा, सत्य की गूंज
श्रीनगर गढ़वाल(ब्यूरो) । राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में ‘विश्व क्षय रोग दिवस’ के अवसर पर एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कम्युनिटी मेडिसिन एवं रेस्पिरेट्री मेडिसिन विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने टीबी (TB) के समूल उन्मूलन के लिए समय पर जांच और पोषण को सबसे महत्वपूर्ण हथियार बताया।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने दीप प्रज्ज्वलित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “टीबी आज भी एक बड़ी चुनौती है, लेकिन अगर मरीज समय पर जांच कराए और उपचार का पूरा कोर्स करे, तो इस पर पूरी तरह काबू पाया जा सकता है।” उन्होंने भारत सरकार के टीबी उन्मूलन अभियान में युवाओं और स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका को निर्णायक बताया।
श्रेया और वाशु सिंह ने भारत में टीबी नियंत्रण के महत्व और ‘टीबी चैंपियंस’ की प्रेरणादायी भूमिका पर प्रकाश डाला। ई-पोस्टर प्रदर्शनी: छात्रों ने डिजिटल पोस्टर्स के माध्यम से टीबी के लक्षण, बचाव और इलाज की आधुनिक पद्धतियों को समझाया।
विशेषज्ञ राय: डॉ. जानकी बर्तवाल, डॉ. आयुषी बेनीवाल, डॉ. विक्की बक्शी और डॉ. चैतन्य शाह ने टीबी के सामाजिक-आर्थिक पहलुओं, नई दवाओं और सह-रोगों (जैसे मधुमेह) के खतरों पर विस्तार से जानकारी साझा की।
विशेषज्ञ सोनाली अधिकारी ने बताया कि दवाइयों के साथ-साथ संतुलित आहार और बेहतर पोषण रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ाने में सहायक होता है, जिससे मरीज जल्दी स्वस्थ होता है। टीबी उन्मूलन की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों राजेन्द्र थपलियाल, शैलेंद्र चमोली और अन्य ‘टीबी चैंपियंस’ को प्राचार्य द्वारा सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. हरप्रीत सिंह और डॉ. सुरेंद्र सिंह नेगी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के समस्त संकाय सदस्य, रेजिडेंट डॉक्टर्स और एमबीबीएस व पैरामेडिकल के छात्र भारी संख्या में मौजूद रहे।