विजय बहुगुणा
पौड़ी गढ़वाल(ब्यूरो) । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार, की अध्यक्षता में पुलिस लाइन पौड़ी में माह जनवरी की मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में जनपद की कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, सार्वजनिक सुरक्षा एवं पुलिसिंग की गुणवत्ता से संबंधित विषयों पर व्यापक एवं गहन समीक्षा की गई। बैठक में समस्त राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी एवं शाखा प्रभारी उपस्थित रहे। अपराध विश्लेषण के आधार पर जनपद के सभी थानों की थानावार प्रगति का परीक्षण करते हुए लंबित विवेचनाओं के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, गिरफ्तारी प्रतिशत में वृद्धि, महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े प्रकरणों में त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई तथा साइबर अपराधों की प्रभावी रोकथाम हेतु विशेष निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त यातायात प्रबंधन को अधिक सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित बनाने, न्यायालयीय वॉरंटों की समयबद्ध तामिली सुनिश्चित करने, बीट पुलिसिंग को सक्रिय एवं जवाबदेह बनाने, नशा उन्मूलन अभियान को और अधिक परिणाममुखी ढंग से संचालित करने तथा जन शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
📌“ऑपरेशन क्रैकडाउन” वेरिफिकेशन ड्राइव को औपचारिकता मात्र सीमित ना रखते हुए प्रभावी रूप से संचालित करने के दिये सख्त निर्देश।
मुख्यालय स्तर से 01 माह की अवधि हेतु संचालित किए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन क्रैकडाउन” वेरिफिकेशन ड्राइव के अंतर्गत समस्त थाना प्रभारियों को स्पष्ट एवं सख्त निर्देश निर्गत किए गए हैं कि अभियान को पूर्ण गंभीरता, जवाबदेही के साथ संचालित किया जाए। साथ ही निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक थाना प्रभारी अभियान में व्यक्तिगत रूप से रुचि लेते हुए अपने-अपने थाना क्षेत्रों में सघन सत्यापन सुनिश्चित करें। कार्यवाही केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे। थाना स्तर पर अनुभवी एवं सक्रिय पुलिसकर्मियों की एक सक्षम टीम गठित कर सत्यापन कार्य को सुनियोजित एवं प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए जिससे इसके सकारात्मक परिणाम सामने आये।
📌ज्वैलर्स, बैंक व बड़े प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी व्यवस्था में कमी पर थाना प्रभारी की होगी जवाबदेही।
पूर्व में जनपद में ज्वैलर्स शॉप,बैंक, बड़े प्रतिष्ठानों में सीसीवीवी कैमरों के सत्यापन के सम्बन्ध में जनपद स्तर पर सघन सत्यापन अभियान चलाया गया था। इस दौरान पुलिस टीमों द्वारा इस प्रकार के प्रत्येक संस्थानों में सत्यापन की कार्यवाही की गई। इसके उपरात यदि किसी थाना क्षेत्र में इन प्रतिष्ठानों में किसी भी प्रकार की घटना कारित होने पर सीसीटीवी कैमरों की फुटेज या इससे संबंधित कोई कमी पाई जाती है तो संबंधित थाना प्रभारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी
📌 आपराधिक घटना होने पर संबंधित क्षेत्राधिकारी द्वारा अनिवार्य रूप से घटनास्थल का निरीक्षण किया जाए।
किसी आपराधिक घटना के घटित होने पर संबंधित क्षेत्राधिकारी द्वारा आवश्यक रूप से घटनास्थल का निरीक्षण किया जाए व संबंधित थाना प्रभारी/चौकी प्रभारी को भी आवश्यक रूप से दिशा निर्देश दिये जाए। इसका उद्देश्य गंभीर एवं संवेदनशील घटनाओं में त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी जांच सुनिश्चित करना, उत्तरदायित्व तय करना तथा कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना है।
👉🏻नशा उन्मूलन अभियान को और अधिक सक्रिय बनाने के निर्देश
जनपद में नशा उन्मूलन अभियान को और अधिक प्रभावी एवं परिणाममुखी बनाने हेतु समस्त थाना प्रभारियों एवं संबंधित पुलिस टीमों को निर्देशित किया गया कि एनडीपीएस से संबंधित मामलों में त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित की जाए जिससे नशा तस्करी में संलिप्त तत्वों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। साथ ही हिस्ट्रीशीटर एवं सक्रिय अपराधियों की गतिविधियों की निगरानी करते हुए उनकी डिजिटल प्रोफाइलिंग को अद्यतन बनाए रखने के भी निर्देश प्रदान किए गए, जिससे नशा तस्करी एवं संबंधित अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
👩👧 महिला एवं बाल अपराधों में शून्य सहनशीलता — गुमशुदा अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के दिये निर्देश।
समस्त थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित अपराधों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। प्रत्येक प्रकरण में तत्काल एफआईआर पंजीकरण, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित की जाए। गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश हेतु चलाए जा रहे अभियान को और अधिक परिणाममुखी बनाते हुए प्रत्येक प्रकरण में त्वरित कार्रवाई, तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग, CCTV फुटेज विश्लेषण, सर्विलांस एवं सोशल मीडिया मॉनिटरिंग को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही अन्य जनपदों एवं राज्यों के साथ समन्वय स्थापित कर बरामदगी के प्रयास तेज किए जाएं तथा प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा की जाए। एएचटीयू व सीआईयू द्वारा गुमशुदा बालिकाओं का पता लगाने में अच्छा कार्य किया गया है गुमशुदा महिलाओं व बालकों की तलाश हेतु भी इसी प्रकार से प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
📌मालखाना प्रबंधन में पारदर्शिता — समयबद्ध निस्तारण व क्षेत्राधिकारी द्वारा साप्ताहिक समीक्षा अनिवार्य रूप से की जाए
समस्त थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि थाना स्तर पर मालखाना में रखे गए माल का विधिक प्रावधानों के अनुरूप समयबद्ध एवं पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। लंबे समय से लंबित माल की समीक्षा करते हुए न्यायालयीन आदेशों, जब्ती मेमो एवं संबंधित अभिलेखों के आधार पर प्राथमिकता से कार्रवाई की जाए, साथ ही, जिन प्रकरणों में माल का निस्तारण किया जा चुका है, उनका विवरण एम-मालखाना पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अद्यतन किया जाए, संबंधित क्षेत्राधिकारी प्रत्येक सप्ताह समस्त थानों की मालखाना रिपोर्ट का निरीक्षण कर उसकी समीक्षा कर रिपोर्ट अग्रिम कार्यवाही हेतु भेजे।
📌 जमीनी विवाद मामलों में क्षेत्राधिकारी जांच उपरांत ही वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए
समस्त थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि जमीनी विवाद संबंधित मामलों में थानों पर प्राप्त होने वाले शिकायती प्रार्थना पत्रों पर सीधे कार्यवाही ना कर पहले संबंधित क्षेत्राधिकारी द्वारा प्रकरण की विधिवत जांच सुनिश्चित कराई जाए। ऐसे मामलों में तथ्यों, दस्तावेजों का सूक्ष्म परीक्षण करते हुए प्रकरण की प्रकृति स्पष्ट की जाए, जांच उपरांत क्षेत्राधिकारी द्वारा आख्या प्रस्तुत किए जाने के पश्चात ही नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
📌 साइबर धोखाधड़ी मामलों में त्वरित, तकनीकी एवं समन्वित कार्यवाही के निर्देश
थाना प्रभारियों व साइबर सेल प्रभारी को निर्देशित किया गया कि साइबर धोखाधड़ी संबंधी मामलों में और अधिक प्रभावी, समन्वित एवं तकनीकी आधार पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। थानों पर लंबित शिकायती प्रार्थना पत्रों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण करते हुए उन पर त्वरित एवं ठोस वैधानिक कार्यवाही की जाए। प्रत्येक प्रकरण में डिजिटल साक्ष्यों का त्वरित संकलन, बैंक खाता विश्लेषण, मोबाइल/आईपी डिटेल्स की जांच तथा संबंधित एजेंसियों एवं बैंकों से समन्वय स्थापित कर समयबद्ध कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित की धनराशि को यथासंभव शीघ्र सुरक्षित/फ्रीज कराया जा सके। साथ ही, प्रकरण में संलिप्त अभियुक्तों की पहचान कर उनके विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्यवाही करते हुए गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
👮कानून व्यवस्था सुदृढ़ीकरण हेतु रणनीतिक एवं सक्रिय पुलिसिंग के दिये निर्देश
जनपद में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाए रखने के लिए सभी थाना प्रभारियों एवं संबंधित अधिकारियों को रणनीतिक एवं सार्थक कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया। संवेदनशील, भीड़भाड़ वाले एवं अपराध संभावित क्षेत्रों में नियमित एवं सघन गश्त बढ़ाई जाए, ताकि असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। फरार एवं वांछित अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु विशेष टीमों का गठन कर लक्ष्य आधारित कार्रवाई की जाए तथा लंबित गिरफ्तारी वारंटों के निष्पादन में तेजी लाई जाए। अभिसूचना तंत्र को और अधिक मजबूत करते हुए संभावित घटनाओं की पूर्व सूचना संकलन, स्थानीय स्रोतों के सक्रिय उपयोग एवं तकनीकी निगरानी को प्राथमिकता दी जाए, जिससे किसी भी अप्रिय घटना की रोकथाम समय रहते की जा सके।
🚦 यातायात व्यवस्था सुदृढ़ीकरण हेतु निर्देश
जनपद में सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दुर्घटना संभावित (ब्लैक स्पॉट) क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर सतत निगरानी, ओवरस्पीडिंग, ड्रंक-एण्ड-ड्राइव, स्टंटबाजी एवं रॉन्ग साइड ड्राइविंग के साथ साथ ओवर लोडिंग वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर सख्त चालानी कार्यवाही की जाए। साथ ही स्कूल बसों, सार्वजनिक परिवहन एवं भारी वाहनों की नियमित फिटनेस एवं दस्तावेज जांच सुनिश्चित की जाए, CCTV कैमरों एवं यातायात मॉनिटरिंग सिस्टम का प्रभावी उपयोग कर नियम उल्लंघन की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
जनवरी माह में जनपद में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 21 पुलिस कार्मिकों (उपनिरीक्षक रणजीत तोमर, उपनिरीक्षक राजेश असवाल, उपनिरीक्षक मुकेश भट्ट, महिला उपनिरीक्षक सुमनलता, अपर उपनिरीक्षक अहसान अली, अपर उपनिरीक्षक निजाम अली, मुख्य आरक्षी संतोष कुमार, मुख्य आरक्षी हरीश लिंगवाल, मुख्य आरक्षी शम्भू प्रसाद, मुख्य आरक्षी उमेश सिंह, मुख्य आरक्षी शुभम कुमार (संचार), आरक्षी गम्भीर सिंह, आरक्षी मनोज बमशुवाल, आरक्षी मुकेश आर्या, आरक्षी राजेश असवाल, आरक्षी सुन्दर लाल, आरक्षी बलवन्त, आरक्षी भगतदास, आरक्षी चन्द्रपाल, महिला आरक्षी विद्या मेहता, महिला आरक्षी नेहा, होमगार्ड कुल्दीप) को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही अन्य अधिकारी/कर्मचारियों को भी निर्देशित किया कि वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और सक्रियता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए जनपद में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने हेतु पूर्ण मनोयोग से कार्य करें। उक्त गोष्ठी में अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज ठाकुर, अपर पुलिस अधीक्षक संचारअनूप काला, अभियोजन अधिकारी राजीव डोभाल, क्षेत्राधिकारी श्रीनगर अनुज कुमार ,क्षेत्राधिकारी कोटद्वार श्रीमती निहारिका सेमवाल, क्षेत्राधिकारी सदर पौड़ी तुषार बोरा, सीएफओ राजेंद्र खाती सहित समस्त थाना एवं शाखा प्रभारी मौजूद रहे।