विजय बहुगुणा
श्रीनगर गढ़वाल(ब्यूरो)। नगर निगम श्रीनगर बोर्ड के गठन के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर नवनिर्मित रजत जयंती पार्किंग में “विकास कु एक साल” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत उपस्थित रहे। इस अवसर पर नगर निगम द्वारा किए गए विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया।कार्यक्रम के दौरान रजत जयंती पार्क (वेस्ट टू वंडर पार्क), महादेव पार्किंग, वाल्मीकि चौक का भूमि पूजन, मां धारी देवी ग्लो साइन बोर्ड, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन का शिलान्यास, श्वान पशुओं के लिए एबीसी सेंटर का लोकार्पण, डांग सिन्द्रीगाड़ एवं ग्लास हाउस तक पथ प्रकाश हेतु विद्युत स्तंभों का लोकार्पण सहित अनेक जनहितकारी योजनाओं का शुभारंभ किया गया।इस अवसर पर नगर निगम के सभी सम्मानित पार्षदों को “विकास कु एक साल” स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। साथ ही निगम के स्वच्छता प्रहरी पर्यावरण मित्रों एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में नगर निगम श्रीनगर के पंचांग (कैलेंडर) का विमोचन भी किया गया।मेयर आरती भंडारी बोली —“एक वर्ष विकास कु” सिर्फ नारा नहीं, ज़मीनी बदलाव हैकार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर आरती भंडारी ने कहा कि “स्वच्छ श्रीनगर, सुंदर श्रीनगर” की परिकल्पना के साथ निगम बोर्ड ने बीते एक वर्ष में जनसमस्याओं को प्राथमिकता देते हुए ऐतिहासिक कार्य किए हैं।उन्होंने कहा कि तिवारी मोहल्ले के वासियों को लंबे समय से परेशान कर रहा नाला अब पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है। वहीं, नर्सरी रोड के पास पिछले 30- 40 वर्षों से मौजूद कूड़े के ढेर को हटाकर आज रजत जयंती पार्क और पार्किंग का उद्घाटन किया गया, जो श्रीनगर के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इसके पास स्थित टिन शेड का पुनर्निर्माण कर बारात घर बनाया जाएगा तथा गंगा पथ विकसित किया जाएगा, ताकि लोग सुबह-शाम सैर कर सकें।महापौर ने बताया कि वाल्मीकि चौक का निर्माण उनके द्वारा निगम की पहली बोर्ड बैठक में प्रस्तुत पहला प्रस्ताव था, जिसका आज भूमि पूजन संपन्न हुआ।स्वच्छता, सड़क, नाली और प्रकाश व्यवस्था में बड़े सुधार : मेयर आरती भंडारी ने बताया कि निगम क्षेत्र में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान व्यवस्था शुरू की गई है। अब सुबह और शाम कूड़ा वाहन घर-घर जाकर कूड़ा एकत्र करते हैं। आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से 100 प्रतिशत घरों से कूड़ा उठान किया जा रहा है और सभी वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाया गया है।निगम क्षेत्र की 165 आंतरिक सड़कों व नालियों का सुधारीकरण कार्य 6 करोड़ 36 लाख 46 हजार रुपये की लागत से पूर्ण किया गया है। इसके अतिरिक्त 1 करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से अन्य आंतरिक सड़कों का डामरीकरण कार्य भी पूरा हो चुका है। वर्तमान में 3 करोड़ 25 लाख 30 हजार रुपये की लागत से अन्य मार्गों पर कार्य प्रगति पर है।गौशाला, एबीसी सेंटर और वैज्ञानिक कूड़ा निस्तारण : महापौर ने बताया कि नगर निगम द्वारा 500 गोवंश क्षमता वाली भव्य गौशाला का निर्माण किया गया है, जिसकी लागत 4 करोड़ 55 लाख 93 हजार रुपये है। यहां पशु चिकित्सक की व्यवस्था, टैगिंग और प्रतिदिन डाटा संरक्षण की सुविधा है।आवारा श्वान पशुओं के लिए 95 लाख 60 हजार रुपये की लागत से एबीसी सेंटर तथा 11 लाख 61 हजार रुपये की लागत से डॉग पॉन्ड का निर्माण किया गया है, जहां स्टेरलाइजेशन व वैक्सीनेशन की पूरी व्यवस्था है।श्रीनगर में कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण हेतु 7 करोड़ 8 लाख 96 हजार रुपये की लागत से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट स्थापित किया जा रहा है।स्ट्रीट लाइट, सोलर सिटी और भविष्य की योजनाएं : निगम क्षेत्र में अब तक 390 विद्युत स्तंभ व एलईडी लाइटें लगाई जा चुकी हैं तथा अतिरिक्त 300 विद्युत स्तंभ लगाए जा रहे हैं। कुल 835 विद्युत स्तंभ और 4200 एलईडी लाइटों का टेंडर किया जा चुका है।महापौर ने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप श्रीनगर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने हेतु डीपीआर शासन को भेजी जा चुकी है, जिससे निगम को हर माह बिजली बिल में बड़ी बचत होगी।इसके साथ जल्द ही गोला पार्क का सौंदर्यीकरण, श्रीकोट में उत्तराखंड आंदोलनकारी स्व. रंजीत भंडारी के नाम पर पार्क का निर्माण करवाया जाएगा, तथा निगम की हेल्पलाइन नंबर 9870666323 भी जारी की गई है, जिसकी निगरानी स्वयं महापौर करती हैं।“हम निरंतर श्रीनगर के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं”कार्यक्रम के अंत में मेयर आरती भंडारी ने कहा कि उन्हें ऐसे सकारात्मक और विकासशील पार्षदों की टीम मिलने पर गर्व है और नगर निगम आने वाले समय में श्रीनगर को प्रदेश का सबसे सुंदर, सुव्यवस्थित और स्वच्छ शहर बनाने के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।