विजय बहुगुणा, सत्य की गूंज
श्रीनगर गढ़वाल(ब्यूरो) । उत्तराखंड की आराध्य देवी मां धारी देवी के मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं में अब बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। नगर निगम और मंदिर समिति के बीच हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में मंदिर की गरिमा और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई कड़े और सकारात्मक निर्णय लिए गए हैं।
मोबाइल फोन पर पूर्ण प्रतिबंध
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण फैसला मंदिर परिसर की पवित्रता और अनुशासन को लेकर लिया गया। अब मंदिर क्षेत्र के भीतर मोबाइल फोन ले जाना पूरी तरह वर्जित रहेगा। अक्सर देखा जाता है कि दर्शन के दौरान मोबाइल के उपयोग से मंदिर की शांति भंग होती है, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
श्रद्धालुओं के लिए नई सुविधाएं
श्रद्धालुओं को असुविधा न हो, इसके लिए नगर निगम ने निम्नलिखित व्यवस्थाओं पर सहमति जताई है:
लॉकर की सुविधा: मोबाइल और अन्य कीमती सामान सुरक्षित रखने के लिए मंदिर परिसर में नगर निगम द्वारा लॉकर स्थापित किए जाएंगे।
सिंगल विंडो सिस्टम: दर्शन प्रक्रिया को सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए आने-जाने वाले श्रद्धालुओं हेतु ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ लागू किया जाएगा। इससे भीड़ नियंत्रण में मदद मिलेगी।
अतिक्रमण मुक्त परिसर: मंदिर की धार्मिक गरिमा और स्वच्छता को बनाए रखने के लिए पूरे क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा।
महापौर आरती भंडारी का वक्तव्य
बैठक की अध्यक्षता कर रही महापौर आरती भंडारी ने कहा:
”धारी देवी मंदिर हमारी आस्था और संस्कृति का प्रमुख केंद्र है। हमारी प्राथमिकता है कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें और मंदिर की गरिमा बनी रहे। मोबाइल प्रतिबंध और सिंगल विंडो सिस्टम जैसे कदम इसी दिशा में उठाए गए हैं। नगर निगम परिसर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
बैठक में ये रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण बैठक में वार्ड पार्षद राजेंद्र नेगी, सहायक नगर आयुक्त रविराज बंगारी, अधिशासी अभियंता पवन कोठियाल, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार, प्रवीण रावत के साथ ही मंदिर समिति के सचिव विवेक पांडेय और रमेश चंद्र पांडेय सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।