विजय बहुगुणा
पौड़ी गढ़वाल(ब्यूरो) । जनपद पौड़ी में माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित “बजट-पूर्व संवाद” कार्यक्रम में नगर निगम श्रीनगर की महापौर आरती भंडारी ने सक्रिय रूप से प्रतिभाग करते हुए श्रीनगर के समग्र विकास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे।
कार्यक्रम में विधायक पौड़ी राजकुमार पोरी, वित्त सचिव दिलीप जावलकर, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति भदौरिया, उपजिलाधिकारी श्रीनगर एवं पौड़ी, गढ़वाल परिक्षेत्र के महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिका अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
महापौर आरती भंडारी ने कहा कि यह पहली बार है जब प्रदेश के किसी मुख्यमंत्री ने सभी हितधारकों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर बजट निर्माण से पूर्व सुझाव आमंत्रित किए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए श्रीनगर के विकास से जुड़े नौ प्रमुख बिंदुओं को विस्तार से रखा।
21 ग्रामों की परिसंपत्तियां और धनराशि हस्तांतरण का मुद्दा :
महापौर ने बताया कि 31 दिसंबर 2021 को 21 ग्रामों को शामिल करते हुए नगर निगम श्रीनगर का गठन किया गया था। अधिसूचना के अनुसार इन ग्रामों की परिसंपत्तियां एवं विकास हेतु आवंटित धनराशि नगर निगम को हस्तांतरित की जानी थी, लेकिन अब तक सभी परिसंपत्तियां और 15वें व राज्य वित्त की धनराशि उपलब्ध नहीं कराई गई है। उन्होंने नियमानुसार धनराशि हस्तांतरण की मांग उठाई।
7.45 करोड़ से अधिक राशि स्वयं व्यय :
नगर निगम द्वारा रजत जयंती पार्क, लीगेसी वेस्ट निस्तारण, 500 निराश्रित गौवंशों हेतु गौशाला निर्माण, एबीसी सेंटर व डॉग पाउंड सहित विभिन्न कार्यों पर लगभग 7.45 करोड़ रुपये स्वयं की 15वें वित्त व राज्य वित्त मद से व्यय किए गए हैं। महापौर ने इस राशि की प्रतिपूर्ति हेतु बजट में प्रावधान की मांग की।
श्रीनगर को सोलर सिटी बनाने की पहल :
मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के अनुरूप श्रीनगर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में दो चरणों में डीपीआर तैयार की जा रही है। प्रथम चरण की 12.30 करोड़ की योजना के तहत नगर निगम की परिसंपत्तियों पर सोलर संयंत्र स्थापित कर विद्युत व्यय को न्यूनतम करने की योजना है। द्वितीय चरण में सरकारी संस्थानों व स्कूलों को शामिल किया जाएगा। महापौर ने दोनों चरणों हेतु अनुदान की मांग की।
पार्क, कार्यालय भवन और मल्टीपर्पज कॉम्प्लेक्स की योजना :
श्रीकोट में 70 लाख रुपये की लागत से पार्क निर्माण, 31.13 करोड़ रुपये की लागत से नगर निगम कार्यालय परिसर (बेसमेंट पार्किंग, सभागार व व्यवसायिक उपयोग सहित) तथा रजत जयंती पार्क के समीप पार्किंग, सामुदायिक भवन व ऑडिटोरियम/मल्टीप्लेक्स निर्माण की योजना के लिए भी बजट प्रावधान की मांग की गई।
नगरीय परिवहन व कर्मचारियों की कमी :
नगर में दो सिटी बसों के संचालन की स्वीकृति प्राप्त होने और ई-रिक्शा संचालन की प्रक्रिया प्रगति पर होने की जानकारी देते हुए महापौर ने नगरीय परिवहन व्यवस्था के विकास हेतु बजट प्रावधान की मांग की।
उन्होंने यह भी बताया कि 2011 की जनगणना के अनुसार 37,911 की आबादी वाला श्रीनगर वर्तमान में 86 हजार से अधिक आबादी वाला शहर बन चुका है, लेकिन कर्मचारियों की संख्या अपर्याप्त है। सफाई व विद्युत व्यवस्था के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की स्वीकृति आवश्यक है।
पार्किंग और यात्री सुविधाओं पर जोर :
चारधाम यात्रियों एवं श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए शहर में विभिन्न स्थानों पर पार्किंग निर्माण की आवश्यकता पर भी महापौर ने बल दिया।
महापौर आरती भंडारी ने कहा कि श्रीनगर तेजी से विकसित हो रहा है और इसे एक मॉडल नगर के रूप में स्थापित करने के लिए सरकार का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी बजट में श्रीनगर के विकास से जुड़े प्रस्तावों को प्राथमिकता दी जाएगी।