श्रीनगर में आयोजित लोकरंग उत्सव के दौरान प्रस्तुति देते कलाकार।"
विजय बहुगुणा, सत्य की गूंज
श्रीनगर गढ़वाल(ब्यूरो) । देवभूमि की वादियों में स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीकोट का सभागार रविवार को देशभर की सांस्कृतिक छटा से सराबोर हो उठा। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (पटियाला) के सौजन्य से, नगर निगम श्रीनगर और पराज इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के सहयोग से ‘लोकरंग उत्सव’ का भव्य आयोजन किया गया।
इस उत्सव में भारत की ‘अनेकता में एकता’ की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, कश्मीर, हरियाणा और उत्तराखंड के कलाकारों ने अपनी लोक विधाओं का जादू बिखेरा। ढोल की थाप और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज के बीच जब कलाकारों ने मंच पर कदम रखे, तो पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
उत्सव का विधिवत शुभारंभ मेडिकल कॉलेज की प्रभारी प्राचार्य डॉ. विनिता रावत द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस दौरान उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। राजस्थानी और गुजराती नृत्य: मरुभूमि की खनक और डांडिया-गरबा की ऊर्जा ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कश्मीर की सौम्यता और हरियाणा के जोश से भरी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
पहाड़ी संस्कृति: उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और पारंपरिक नृत्यों ने स्थानीय लोगों के दिलों को छू लिया।
मुख्य अतिथि डॉ. विनिता रावत ने अपने संबोधन में कहा ”नई पीढ़ी के लिए जरूरी हैं ऐसे आयोजन”
“आंचलिक संस्कृति और लोक परंपराओं से परिचय कराने में ऐसे कार्यक्रम सेतु का काम करते हैं। समय-समय पर इस तरह के आयोजनों से न केवल हम अपनी जड़ों से जुड़ते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को भी देश के विभिन्न प्रांतों की संस्कृति और विविध परंपराओं को करीब से समझने का मौका मिलता है।”
इस सांस्कृतिक महाकुंभ के प्रति जनता का भारी उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में राजकीय मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ श्रीनगर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। लोगों ने न केवल प्रस्तुतियों का आनंद लिया, बल्कि विभिन्न राज्यों की कला को सराहा भी।