विजय बहुगुणा
श्रीनगर गढ़वाल(ब्यूरो) । उत्तराखण्ड के श्रीनगर में युवाओं ने सेवा, समर्पण और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए उत्तराखंड सरकार में राज्य मंत्री एवं नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के पूर्व प्राचार्य कर्नल अजय कोठियाल का जन्मदिन रक्तदान कर मनाया। जय हो छात्र संगठन बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं ने बेस चिकित्सालय के ब्लड सेंटर में पहुंचकर जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्तदान किया।
इस अवसर पर युवाओं ने 15 यूनिट रक्तदान किया, जबकि 15 युवाओं ने भविष्य में रक्तदान के लिए पंजीकरण कराया।
कार्यक्रम का नेतृत्व जय हो ग्रुप के वीरेन्द्र बिष्ट ने किया। उन्होंने कहा कि कर्नल अजय कोठियाल युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं और उनके आदर्शों से प्रेरित होकर हर वर्ष उनका जन्मदिन रक्तदान के रूप में मनाया जाता है। बिष्ट ने कहा कि कर्नल अजय कोठियाल केवल एक सैन्य अधिकारी या जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि युवाओं के भीतर अनुशासन, राष्ट्रसेवा और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना जगाने वाले व्यक्तित्व हैं। उन्होंने अपने जीवन में सेवा, समर्पण और नेतृत्व का जो उदाहरण प्रस्तुत किया है, वह आज की युवा पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक है। इसी प्रेरणा से हम हर वर्ष उनका जन्मदिन किसी उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि समाजहित के कार्य—रक्तदान—के माध्यम से मनाते हैं, ताकि जरूरतमंदों के जीवन में उम्मीद की नई किरण लाई जा सके। उन्होंने कहा कि रक्तदान जैसे छोटे-से प्रयास से भी बड़ी मानव सेवा की जा सकती है और युवाओं को ऐसे कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।
ब्लड सेंटर प्रभारी एवं डिप्टी एमएस डॉ दीपा हटवाल तथा पूर्व प्रभारी डॉ सतीश कुमार ने सभी रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
इस मौके पर डॉ दीपा हटवाल ने कहा कि रक्तदान न केवल किसी जरूरतमंद के जीवन को बचाने का माध्यम है, बल्कि यह स्वयं रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है। उन्होंने बताया कि नियमित और सुरक्षित अंतराल पर किया गया रक्तदान शरीर में नई रक्त कोशिकाओं के निर्माण को प्रोत्साहित करता है तथा स्वास्थ्य की निगरानी का भी अवसर देता है।
उन्होंने युवाओं से कहा आज के समय में सड़क दुर्घटनाओं, जटिल ऑपरेशन, प्रसव और गंभीर बीमारियों के मामलों में रक्त की आवश्यकता लगातार बनी रहती है। ऐसे में युवाओं की सक्रिय भागीदारी बेहद सराहनीय है। रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है, क्योंकि यह सीधे किसी की जिंदगी से जुड़ा होता है। हर स्वस्थ व्यक्ति को साल में कम से कम एक बार स्वेच्छा से रक्तदान करने का संकल्प लेना चाहिए।
डॉ हटवाल ने यह भी कहा कि रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित प्रक्रिया है और चिकित्सकीय देखरेख में किया जाता है। उन्होंने युवाओं को भ्रम और आशंकाओं से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि जागरूकता ही सबसे बड़ी ताकत है। अंत में उन्होंने सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “हर रक्तदाता एक नायक है, क्योंकि वह किसी अनजान व्यक्ति को जीवन देने का कार्य करता है।”
कार्यक्रम में हिमांशु भंडारी, अमन, सृष्टि, श्रेयस, रोहित बर्तवाल, मनमोहन सिंधवाल, प्रदीप रावत, अनूप सती, आदि ब्लड सेंटर के नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल छात्र मौजूद थे।