" विजेताओं के साथ अतिथि एवं एनइपी सारथी टीम।"
विजय बहुगुणा, सत्य की गूंज
श्रीनगर गढ़वाल(ब्यूरो) । हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में एनइपी (NEP) सारथी टीम द्वारा “संयोगिता मंच भारतीय भाषा उत्सव” के अंतर्गत एक विशेष प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। नई शिक्षा नीति (2020) के प्रावधानों के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारतीय भाषाओं और बोलियों का संरक्षण, संवर्धन तथा विद्यार्थियों में बहुभाषिक अभिव्यक्ति की क्षमता को विकसित करना रहा।
इस उत्सव के दौरान विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भारत की समृद्ध भाषाई विरासत का प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों ने गढ़वाली, कुमाऊनी, भोजपुरी, राजस्थानी, सिंधी, ब्रज और अवधी जैसी विभिन्न बोलियों में अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दीं। आयोजन का लक्ष्य न केवल भाषाई कौशल को निखारना था, बल्कि विविध सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय एकता की भावना को भी सुदृढ़ करना था।
मातृभाषा आधारित शिक्षा पर जोर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. एम.सी. सती ने अपने संबोधन में कहा कि अपनी जड़ों से जुड़े रहने के लिए भारतीय भाषाओं का संरक्षण और उनका दैनिक जीवन में व्यापक उपयोग अत्यंत आवश्यक है।
विशिष्ट अतिथि और डीन शैक्षणिक कार्य (एनइपी समन्वयक) प्रो. प्रशान्त कंडारी ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि बहुभाषिक शिक्षा आज के समय की मांग है और यह आयोजन मातृभाषा आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
प्रतियोगिता के परिणाम निर्णायक मण्डल में डॉ. कपिल देव पंवार, डॉ. अनुराही एवं डॉ. नितिन बिष्ट शामिल रहे। उन्होंने प्रतिभागियों के प्रदर्शन का गहन मूल्यांकन करने के साथ ही छात्रों को भाषा के महत्व और उसके शुद्ध प्रयोग हेतु मार्गदर्शन भी दिया।
प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे:
प्रथम स्थान: नीरज बर्थवाल
द्वितीय स्थान: ऋषभ वर्मा
तृतीय स्थान: वैशाली त्रिपाठी
सफल आयोजन में टीम की भूमिका
यह पूरा कार्यक्रम एनइपी सारथी समन्वयक डॉ. चन्द्रशेखर जोशी के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में एनइपी सारथी टीम के सदस्य सृजल, श्रेया, शालिनी, अंशुमान, आँचल, अक्ष्या, सहस्रांशु एवं अनुपमा ने अपनी सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।