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देहरादून/देवप्रयाग(ब्यूरो)। उत्तराखंड के देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के निवासियों और चारधाम यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। स्थानीय विधायक विनोद कंडारी की सक्रियता के बाद प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्र की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
विधायक कंडारी ने हाल ही में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल को पत्र लिखकर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाली और विशेषज्ञों की कमी का मुद्दा उठाया था, जिस पर विभाग ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है।
1. सीएचसी बागी (देवप्रयाग) में तैनात होंगे सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर
विधायक विनोद कंडारी ने स्वास्थ्य मंत्री को अवगत कराया कि राष्ट्रीय राजमार्ग 58 पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बागी, ऋषिकेश और श्रीनगर के बीच एकमात्र महत्वपूर्ण चिकित्सा केंद्र है। चारधाम यात्रा के दौरान यहाँ भारी दबाव रहता है। जनहित को देखते हुए विधायक ने यहाँ सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की तैनाती की मांग की है, ताकि आपातकालीन स्थिति में यात्रियों और स्थानीय लोगों को बड़े शहरों की ओर न भागना पड़े।
2. हिण्डोलाखाल और कीर्तिनगर CHC का होगा उच्चीकरण
क्षेत्र की स्वास्थ्य जरूरतों को देखते हुए विधायक ने दो प्रमुख सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, हिण्डोलाखाल और कीर्तिनगर, को उप जिला चिकित्सालय (Sub-District Hospital) के रूप में अपग्रेड करने का प्रस्ताव दिया है। इस मांग को स्वास्थ्य मंत्री ने गंभीरता से लेते हुए सचिव स्वास्थ्य को परीक्षण और चर्चा के लिए निर्देशित कर दिया है।
3. रेडियोलॉजिस्ट की कमी दूर: अब हिण्डोलाखाल और देवप्रयाग में होंगे अल्ट्रासाउंड
विधायक की पैरवी का असर सरकारी आदेशों में भी दिखने लगा है। महानिदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण (उत्तराखंड) की ओर से जारी आदेश के अनुसार:
डॉ. रचित गर्ग (रेडियोलॉजिस्ट), जो वर्तमान में उप जिला चिकित्सालय श्रीनगर में तैनात हैं, अब प्रत्येक माह 02 दिन सीएचसी हिण्डोलाखाल और 02 दिन सीएचसी देवप्रयाग में अपनी सेवाएँ देंगे।
इससे क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोगियों को अल्ट्रासाउंड के लिए अब लंबी दूरी तय नहीं करनी होगी।विधायक विनोद कंडारी ने कहा कि “देवप्रयाग विधानसभा की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पहुँचाना उनकी प्राथमिकता है। चारधाम यात्रा के सुगम संचालन और स्थानीय जनता की सेवा के लिए वह स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।”