कॉलेज में अधिकारियों के साथ बैठक करते राज्य मंत्री भगवत प्रसाद मकवाना।
विजय बहुगुणा, सत्य की गूंज
श्रीनगर गढ़वाल(ब्यूरो) । उत्तराखंड सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष (राज्य मंत्री) भगवत प्रसाद मकवाना ने कहा कि सफाई कर्मचारी समाज की रीढ़ हैं और उनके हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सोमवार को श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के सभागार में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और सफाई कर्मचारियों के साथ आयोजित बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार सफाई कर्मियों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बैठक के दौरान राज्य मंत्री ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को सख्त निर्देश दिए कि अस्पताल में कार्यरत सभी सफाई कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से वर्दी और सुरक्षा उपकरण (PPE Kits/Safety Gear) उपलब्ध कराए जाएं।
हर तीन माह में सफाई कर्मियों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं। साप्ताहिक अवकाश और समय पर पूर्ण वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। जिन कर्मचारियों के अभी तक आयुष्मान या गोल्डन कार्ड नहीं बने हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर बनाया जाए।
बस्तियों में लगेंगे विशेष शिविर उपाध्यक्ष ने समाज कल्याण विभाग और तहसील प्रशासन को निर्देशित किया कि वाल्मीकि एवं मलिन बस्तियों में शिविर लगाकर पात्र व्यक्तियों के जाति व स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनाए जाएं। साथ ही, नगर निकायों को इन बस्तियों के लिए आवास योजनाओं के प्रस्ताव तैयार करने और जल संस्थान को पेयजल समस्याओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए गए।
राज्य मंत्री मकवाना ने केंद्र की ‘नमस्ते’ योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि मशीनीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र के माध्यम से सफाई कर्मियों को सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने बैंक अधिकारियों को स्वरोजगार व शैक्षिक ऋण के लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने को कहा ताकि सफाई कर्मियों के बच्चे बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकें।
बैठक में प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, वित्त नियंत्रक प्रशांत शर्मा, एमएस डॉ. राकेश रावत, तहसीलदार दीपक भंडारी, सहायक नगर आयुक्त रविराज बंगारी, ईओ पौड़ी संजय कुमार, सहायक समाज कल्याण अधिकारी पंकज मैंदोली सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी उपस्थित रहे।