"मलेथा स्टेशन: आधुनिक रेल और वीर माधो सिंह भंडारी की विरासत का संगम"
विजय बहुगुणा, सत्य की गूंज
देवप्रयाग/मलेथा(ब्यूरो)। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग ब्रॉड गेज रेल परियोजना उत्तराखंड के विकास में नए आयाम स्थापित कर रही है। इसी क्रम में, ऐतिहासिक गांव मलेथा में बन रहा रेलवे स्टेशन न केवल आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, बल्कि यह महान सेनानायक वीर माधो सिंह भंडारी की विरासत और साहस की कहानी भी दुनिया को सुनाएगा।
देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी ने इस परियोजना पर खुशी जताते हुए कहा कि मलेथा सिर्फ एक गांव नहीं, बल्कि हिमालयी जीवटता और बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जिस भूमि पर माधो सिंह भंडारी ने पहाड़ों का सीना चीरकर नदी को खेतों तक पहुँचाया था, आज उसी भूमि पर भारतीय रेल का पहुँचना गर्व की बात है। स्टेशन के डिजाइन और परिसर में वीर माधो सिंह भंडारी की गौरवगाथा को विशेष स्थान दिया गया है, ताकि यहाँ आने वाला हर यात्री उत्तराखंड के इतिहास से परिचित हो सके।
विधायक विनोद कंडारी के प्रयासों और केंद्र सरकार के विजन से तैयार हो रहा यह स्टेशन स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित होगा। स्टेशन परिसर को एक स्मारक की तरह विकसित किया जा रहा है, जहाँ भव्य प्रतिमा और फव्वारे आकर्षण का केंद्र होंगे।
यह प्रोजेक्ट गढ़वाल की पहाड़ियों को सीधे देश के बड़े रेल नेटवर्क से जोड़ेगा, जिससे व्यापार और आवागमन सुगम होगा।
सपनों का मलेथा तस्वीरों में दिख रहा भव्य स्टेशन भवन और उसके सामने स्थापित वीर माधो सिंह भंडारी की प्रतिमा इस बात का प्रमाण है कि विकास के इस युग में अपनी जड़ों और नायकों को भुलाया नहीं गया है।
विधायक विनोद कंडारी ने कहा, “मलेथा स्टेशन का यह स्वरूप हमारी आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा। यह स्टेशन न केवल यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुँचाएगा, बल्कि माधो सिंह भंडारी के उस सपने को भी जीवंत रखेगा जहाँ पहाड़ों में खुशहाली और हरियाली का वास हो।”