सत्य की गूंज(ब्यूरो)
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल (केन्द्रीय) विश्वविद्यालय का 12वां दीक्षांत समारोह मंगलवार को पारंपरिक गरिमा और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उत्तराखंड के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और कुलाधिपति डॉ. योगेन्द्र नारायण ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर छात्राओं की सांस्कृतिक वेशभूषा और उल्लास से सराबोर नजर आया।उपलब्धियों का पिटारा: मेडल और डिग्रियों की बौछारविश्वविद्यालय ने इस दीक्षांत समारोह में दो सत्रों (2022-24 और 2023-25) के मेधावियों को सम्मानित किया:स्वर्ण पदक: कुल 105 छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल से नवाजा गया (50 विद्यार्थी सत्र 2022-24 और 55 विद्यार्थी सत्र 2023-25 से)।
Pसमारोह में 177 शोधार्थियों को मंच पर उपाधियां प्रदान की गईं, जबकि दोनों सत्रों को मिलाकर कुल 319 को डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी की डिग्री मिली।
कुल 6806 विद्यार्थियों को पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्रियां आवंटित की गईं।”डिग्री सिर्फ कागज का टुकड़ा नहीं, छात्र की शक्ति है” – कुलपतिविश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए
”दीक्षांत शिक्षा का अंत नहीं, बल्कि नए जीवन की शुरुआत है। यह डिग्री आपकी वह ताकत है जिससे आप समाज में बदलाव लाएंगे। अपने माता-पिता और राष्ट्र को गौरवान्वित करने के लिए ‘राष्ट्र प्रथम’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ें।”सरकार का साथ: अप्रैल में आएंगे केंद्रीय शिक्षा मंत्रीविशिष्ट अतिथि डॉ. धन सिंह रावत ने कुलपति के नेतृत्व और विश्वविद्यालय की ‘नैक’ (NAAC) ग्रेडिंग की सराहना की। उन्होंने घोषणा की कि विश्वविद्यालय के विकास के लिए राज्य सरकार हर कदम पर साथ है। उन्होंने कहा कि आगामी अप्रैल माह में वे देश के उच्च शिक्षा मंत्री के साथ एनआईटी (NIT) और गढ़वाल विश्वविद्यालय के कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। उन्होंने ‘सांस्कृतिक वेशभूषा’ की पहल को भी सराहा।केंद्रीय शिक्षा मंत्री का संदेशसमारोह में डॉ. विश्वेश वाग्मी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का संदेश पढ़ा, जिसमें उन्होंने युवाओं से अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग निजी हितों से ऊपर उठकर समाज और राष्ट्र कल्याण के लिए करने का आह्वान किया।विशेष आकर्षण और उपस्थिति
अतिथियों द्वारा ग्रामीण एवं अभियांत्रिकी विभाग की शोध पत्रिका ‘माउन्टेन रिसर्च’ के विशेषांक का विमोचन किया गया।कुलाधिपति का संबोधन: डॉ. योगेन्द्र नारायण ने छात्रों को अतीत की प्रज्ञा और आधुनिक ज्ञान के समन्वय से भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का मंत्र दिया। कुलसचिव अनीश उज जमान, समन्वयक प्रो. हरभजन सिंह चौहान, महापौर आरती भण्डारी, एसएसबी डीआईजी सुभाष चन्द्र नेगी, पूर्व कुलपति प्रो. रामशंकर दुबे समेत भारी संख्या में शिक्षक, विभागाध्यक्ष और छात्र संघ पदाधिकारी उपस्थित रहे।कार्यक्रम का समापन कुलसचिव द्वारा धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ।