सत्य की गूंज(ब्यूरो)
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय का 12वां दीक्षांत समारोह आगामी 24 मार्च को आयोजित होने जा रहा है। इस बार का समारोह न केवल शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव होगा, बल्कि इसमें उत्तराखंड की परंपरा और लोक संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने दीक्षांत समारोह की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।मुख्य अतिथि और अध्यक्षताविश्वविद्यालय के कुलपति एवं दीक्षांत समारोह के समन्वयक प्रो. हरभजन सिंह चौहान ने प्रेसवार्ता में बताया कि समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. योगेन्द्र नारायण करेंगे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शिरकत करेंगे, जबकि उत्तराखंड के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।खास वेशभूषा: गाउन की जगह पहाड़ी टोपी और अंगवस्त्र इस बार दीक्षांत समारोह में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने जानकारी दी कि पाश्चात्य गाउन की परंपरा को छोड़कर इस बार दीक्षार्थियों को स्थानीय सांस्कृतिक वेशभूषा, विशेष पहाड़ी टोपी और अंगवस्त्र में उपाधियां प्रदान की जाएंगी।
उद्देश्य: क्षेत्रीय संस्कृति का संरक्षण और विश्वविद्यालय की विशिष्ट पहचान स्थापित करना।विशेष आकर्षण: इस अवसर पर विश्वविद्यालय के ‘कुलगीत’ का भव्य लोकार्पण भी किया जाएगा।
उपाधि और पदकों का विवरणसमारोह के समन्वयक प्रो. हरभजन सिंह चौहान के अनुसार, यह दीक्षांत समारोह सत्र 2023-24 और 2024-25 के विद्यार्थियों के लिए आयोजित है।
कुल पंजीकरण: 649 छात्र-छात्राएं।पीएचडी उपाधि: 177 शोधार्थियों को मंच से सीधे डिग्री दी जाएगी।
स्नातक डिग्री: 472 छात्र-छात्राओं को प्रदान की जाएगी।स्वर्ण पदक: विभिन्न संकायों के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 105 छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल से नवाजा जाएगा।पहली बार होगा लाइव प्रसारण प्रो. वाईएस रैवानी ने बताया कि इस बार पहली बार पीएचडी की डिग्रियां मुख्य मंच से सीधे प्रदान की जाएंगी। इसके साथ ही, जो छात्र या अभिभावक परिसर नहीं पहुंच पाएंगे, उनके लिए समारोह का सीधा प्रसारण (Live Streaming) विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किया जाएगा।
प्रेसवार्ता के दौरान मीडिया समन्वयक प्रो. एम सेमवाल, चौरास परिसर निदेशक प्रो. राजेंद्र सिंह नेगी, मुख्य नियंता प्रो. दीपक कुमार सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और प्राध्यापक उपस्थित रहे।