पौड़ी | सत्य की गूंज ब्यूरो
जनपद में सहकारिता तंत्र को मजबूत करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। शुक्रवार को एनआईसी कक्ष में आयोजित जिला सहकारी विकास समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने कार्यों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वसूली में सुस्ती पर भड़कीं डीएम, ‘पुरस्कार और दंड’ की नीति लागू
बैठक के दौरान सहकारी देयों की वसूली की धीमी गति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कड़े निर्देश जारी करते हुए
वेतन रोकने के निर्देश: जिन बहुउद्देशीय प्राथमिक सहकारी समितियों (M-PACS) की वसूली 50 प्रतिशत से कम है, उनके सचिवों का वेतन रोकने की कार्यवाही की जाए।
मिलेगा सम्मान: बेहतर कार्य करने वाली और 90 प्रतिशत से अधिक वसूली करने वाली समितियों को प्रोत्साहित करने के लिए सम्मानित किया जाएगा।
20 मार्च तक शत-प्रतिशत कंप्यूटरीकरण का लक्ष्य
समितियों के आधुनिकीकरण पर जोर देते हुए डीएम ने निर्देश दिए कि जनपद की सभी सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण 20 मार्च तक हर हाल में पूर्ण कर लिया जाए। बताया गया कि 114 में से 95 समितियों का कार्य पूरा हो चुका है, शेष पर कार्य जारी है।
ग्रामीण विकास के लिए ‘वन स्टॉप शॉप’ बनेंगी समितियां
जिलाधिकारी ने समितियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण विजन साझा किए:
किसान समृद्धि केंद्र: समितियों को प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ किसानों को खाद, बीज और तकनीकी परामर्श एक ही छत के नीचे मिलेगा।
नए एफपीओ (FPO): नए किसान उत्पादक संगठन गठित कर उन्हें विपणन केंद्र बनाया जाएगा ताकि किसानों को फसल का सही दाम मिले।
जन सेवा केंद्र: समितियों को जन सेवा केंद्रों (CSC) के रूप में और अधिक सक्रिय किया जाएगा ताकि उनकी आय बढ़ सके।
अन्न भंडारण: भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए मंडी समिति के गोदामों के उपयोग का सुझाव भी दिया गया।
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों की सुविधा के लिए सहकारी समितियों के माध्यम से पशु चिकित्सा केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। साथ ही, जिन पंचायतों में अभी तक समितियां नहीं हैं, वहां नई समितियों के गठन की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, जिला सहकारिता निबंधक सौरभ कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।