विजय बहुगुणा
श्रीनगर गढ़वाल(ब्यूरो) । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा बैकुंठ चतुर्दशी मेले के उद्घाटन के अवसर पर श्रीनगर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की ऐतिहासिक घोषणा के क्रम में नगर निगम सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में श्रीनगर को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और पर्यावरण के अनुकूल शहर बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न विभागों के अधिकारी, विद्यालयों के प्रतिनिधि, निगम के सम्मानित पार्षद, बेस चिकित्सालय श्रीकोट के एमएस, उप जिला चिकित्सालय श्रीनगर के सीएमएस, व्यापार सभा श्रीनगर एवं श्रीकोट के अध्यक्षों को यह जानकारी दी गई कि किस प्रकार चरणबद्ध तरीके से श्रीनगर को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा सकता है।
इस अवसर पर रामा ग्लोबल लाइटिंग के तकनीकी विशेषज्ञ श्री लावण्य सिंघल ने सोलर स्ट्रीट लाइट, सरकारी भवनों पर सोलर पैनल, विद्यालयों एवं अस्पतालों में सौर ऊर्जा के उपयोग सहित तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि सोलर तकनीक से न केवल बिजली की बचत होगी, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भी भारी कमी आएगी।
बैठक में नगर आयुक्त नुपुर वर्मा, तहसीलदार दीपक भंडारी, खंड शिक्षा अधिकारी खिर्शू अश्वनी रावत, सहायक नगर आयुक्त रविराज बंगारी, निगम के पार्षद, विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्कूलों के प्रधानाचार्य एवं शिक्षक, व्यापार सभा अध्यक्ष श्रीनगर दिनेश असवाल, व्यापार सभा अध्यक्ष श्रीकोट नरेश नौटियाल सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
नगर निगम श्रीनगर गढ़वाल की महापौर श्रीमती आरती भंडारी ने कहा—
” मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी की दूरदर्शी सोच के अनुरूप श्रीनगर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में यह एक मजबूत और निर्णायक कदम है। सोलर सिटी बनने से श्रीनगर न केवल ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, आर्थिक बचत और स्वच्छ भविष्य की दिशा में भी मिसाल कायम करेगा। नगर निगम, सभी विभागों और नागरिकों के सहयोग से हम इस लक्ष्य को शीघ्र साकार करेंगे। ”
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में श्रीनगर प्रदेश के अग्रणी सोलर शहरों में अपनी पहचान बनाएगा और अन्य नगरों के लिए प्रेरणा बनेगा।